नई दिल्ली में आयोजित NEET UG परीक्षा के लिए NTA और केंद्र सरकार ने कई नए सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। प्रश्न-पत्र वायुसेना के विमानों से भेजे जा रहे हैं, जबकि परीक्षा के बाद CCTV फुटेज की फोरेंसिक समीक्षा भी की जाएगी।
New Delhi: NEET UG परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए NTA और केंद्र सरकार ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। प्रश्न-पत्रों की ढुलाई से लेकर परीक्षा केंद्रों की निगरानी तक हर स्तर पर विशेष प्रोटोकॉल अपनाए गए हैं। सरकार का उद्देश्य किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पेपर लीक या तकनीकी धोखाधड़ी की संभावना को पूरी तरह खत्म करना है।
वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों से पहुंचाए गए प्रश्न-पत्र
NEET UG परीक्षा के लिए प्रश्न-पत्रों को सुरक्षित ढंग से विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को सौंपी गई है। दूरदराज और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रश्न-पत्र पहुंचाने के लिए Mi-17 हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं C-17 Globemaster जैसे भारी परिवहन विमान भी इस अभियान में शामिल हैं।
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क्षेत्रीय केंद्रों तक प्रश्न-पत्र पहुंचने के बाद उनकी सुरक्षा का जिम्मा CRPF, CISF और राज्य पुलिस को सौंपा गया है। सुरक्षा एजेंसियां प्रश्न-पत्रों को निर्धारित परीक्षा केंद्रों तक कड़ी निगरानी में पहुंचा रही हैं ताकि किसी प्रकार की अनधिकृत पहुंच न हो सके।
प्रश्न-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में भी बदलाव
पिछले वर्षों में परीक्षा सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बाद शिक्षा मंत्रालय ने प्रश्न-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया को और अधिक गोपनीय बनाया है। परीक्षा पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है, जहां उन्हें बाहरी दुनिया से लगभग पूरी तरह अलग रखा गया है।
इन विशेषज्ञों को परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने तक मोबाइल फोन, इंटरनेट और अन्य संचार माध्यमों के उपयोग की अनुमति नहीं है। अधिकारियों का मानना है कि इससे प्रश्न-पत्र की गोपनीयता बनाए रखने में मदद मिलेगी और लीक जैसी घटनाओं की संभावना कम होगी।
5G जैमर और डिजिटल लॉक से होगी निगरानी
इस बार परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी सुरक्षा को भी मजबूत किया गया है। मोबाइल डेटा, ब्लूटूथ और वाई-फाई सिग्नल को ब्लॉक करने के लिए 5G जैमर लगाए गए हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल या जानकारी साझा करने की कोशिशों को रोका जा सकेगा।
इसके अलावा प्रश्न-पत्रों को विशेष कंटेनर बॉक्स में रखा गया है, जिन्हें डिजिटल लॉक से सील किया गया है। इन लॉक को इस तरह प्रोग्राम किया गया है कि वे केवल निर्धारित समय और अधिकृत स्थान पर ही खोले जा सकें।
GPS ट्रैकिंग से रखी जा रही हर गतिविधि पर नजर
प्रश्न-पत्रों को ले जाने वाले वाहनों और परिवहन साधनों की GPS ट्रैकिंग की जा रही है। इससे पूरे मार्ग के दौरान उनकी लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी असामान्य गतिविधि की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था भी बनाई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था प्रश्न-पत्रों की आवाजाही को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
परीक्षा के बाद होगी फोरेंसिक समीक्षा
NTA ने परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी परीक्षा केंद्रों की फोरेंसिक समीक्षा कराने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।
फोरेंसिक जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा के दौरान कहीं भी नियमों का उल्लंघन या संदिग्ध गतिविधि न हुई हो। यदि किसी केंद्र पर अनियमितता के संकेत मिलते हैं तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इन सभी सुरक्षा उपायों के जरिए केंद्र सरकार और NTA का प्रयास है कि NEET UG परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके, ताकि लाखों अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।










