नीतीश ही संभालेंगे कमान; BJP चला सकती है महिला डिप्टी CM का दांव, मंत्रिमंडल में किस दल को कितनी हिस्सेदारी?

बिहार में नई एनडीए सरकार बनने की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। नीतीश कुमार दोबारा सीएम बनेंगे और भाजपा महिला डिप्टी सीएम का बड़ा दांव खेल सकती है।

बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन की तैयारियाँ लगभग अंतिम चरण में हैं। मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर प्रदेश की कमान संभालने जा रहे हैं। चुनाव में महिलाओं के मजबूत समर्थन को देखते हुए भाजपा महिला डिप्टी सीएम का विकल्प आगे बढ़ा सकती है, जिस पर हाईकमान स्तर पर मंथन जारी है।

पटना: बिहार में नई एनडीए सरकार की रूपरेखा लगभग तय हो चुकी है, जिसमें नीतीश कुमार को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बन गई है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव में मिली महिलाओं की अभूतपूर्व समर्थन को देखते हुए भाजपा इस बार महिला डिप्टी सीएम का बड़ा दांव खेल सकती है। पार्टी ने चुनाव में 13 महिलाओं को टिकट दिया था, जिनमें से 11 विजयी होकर विधानसभा पहुँची हैं। नई सरकार के गठन पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार को अहम बैठक हुई।

बताया जा रहा है कि मंगलवार तक भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाएगी, जिसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से नेता चुना जाएगा। सोमवार को सीएम नीतीश ने कैबिनेट बैठक बुलाई है, जिसके बाद वह इस्तीफा देकर राज्यपाल से नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह इसी सप्ताह, संभवतः बुधवार को होने की संभावना है।

एनडीए में मंत्री पदों का फार्मूला तय, जदयू–भाजपा को बड़ा हिस्सा

बिहार में नई एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का फार्मूला लगभग अंतिम रूप ले चुका है। हर 5–6 विधायकों पर एक मंत्री पद के हिसाब से जदयू को मुख्यमंत्री सहित 14–15 और भाजपा को 16–17 मंत्री पद मिलने की संभावना है। एलजेपी(आरवी) के चिराग पासवान को डिप्टी सीएम पद की पेशकश की चर्चा है, हालांकि उनकी प्राथमिकता केंद्र में रहने की मानी जा रही है। ऐसे में उनकी पार्टी को तीन मंत्री पद मिल सकते हैं। इसके अलावा हम और रालोमो को एक-एक स्थान मिलेगा। भाजपा के दो डिप्टी सीएम मॉडल में एक पद महिला नेता को दिए जाने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

नीतीश के आवास पर तेज़ हुई सियासी हलचल

पटना में रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकातों का दौर पूरे दिन जारी रहा। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद रॉय और रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा सहित कई नेताओं और नवनिर्वाचित विधायकों ने उनसे भेंट की। वहीं दिल्ली में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भाजपा नेतृत्व से रणनीतिक चर्चा की। एनडीए सरकार गठन को लेकर सियासी गतिविधियाँ तेज हैं, इसी बीच जेडीयू और भाजपा ने अपने विधायकों को सोमवार को पटना में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

नीतीश ही संभालेंगे कमान; BJP चला सकती है महिला डिप्टी CM का दांव, मंत्रिमंडल में किस दल को कितनी हिस्सेदारी?

लालू परिवार में खींचतान तेज

राजद की करारी चुनावी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में तनाव खुलकर सामने आ गया है। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि परिवार में उन्हें अपमानित किया गया, यहां तक कि गालियां दी गईं और चप्पल तक दिखाए गए। उन्होंने लिखा कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे किसी प्रकार के समझौते के खिलाफ थीं।

अपने पिता को किडनी दान कर चर्चा में आई रोहिणी ने कहा कि परिवार के भीतर ही उनके त्याग पर सवाल उठाए गए और उन्हें “गंदी किडनी” देने तक के ताने सुनने पड़े। उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि अपने मायके की लड़ाइयों में खुद को न झोंकें, बल्कि अपनी ऊर्जा बच्चों और परिवार के भविष्य पर लगाएं।

तेजप्रताप ने लिया बहन का पक्ष

परिवार में बढ़ते विवाद के बीच लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव अपनी बहन के समर्थन में सामने आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बहन रोहिणी का अपमान किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो लोग परिवार में दरार डाल रहे हैं, वे बिहार की जनता की नजरों में कभी स्वीकार नहीं होंगे।

तेजप्रताप ने अपने बयान में परोक्ष रूप से तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं पर वार किया। उन्होंने कहा कि “जयचंदों” ने तेजस्वी की समझ पर पर्दा डाल दिया है और इनके खिलाफ अब कार्रवाई जरूरी है। तेजप्रताप ने लालू प्रसाद यादव से आग्रह किया कि वे केवल एक संकेत दें, जनता ऐसे लोगों को राजनीतिक जमीन से उखाड़ फेंकने में देर नहीं करेगी।

Leave a comment