बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट ने आज सात निश्चय योजना 3.0 को मंजूरी दे दी है। इसे बिहार के विकास के अगले चरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पटना: बिहार के विकास को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने ‘सात निश्चय योजना 3.0’ को मंजूरी दे दी है। यह योजना बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
इससे पहले राज्य में सात निश्चय-1 (2015–2020) और सात निश्चय-2 (2020–2025) के तहत विकास के कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए गए। अब वर्ष 2025 के बाद के बिहार के लिए सात निश्चय-3 को एक समग्र विकास विजन के रूप में लागू किया जाएगा।

1. दोगुना रोजगार – दोगुनी आय
- सात निश्चय-3 का पहला और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य है ‘दोगुना रोजगार – दोगुनी आय’। इसका उद्देश्य राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है।
- अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य।
- मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ₹10,000 की प्रारंभिक सहायता और आगे बढ़ने पर ₹2 लाख तक की मदद।
- जाति आधारित गणना और सामाजिक-आर्थिक सर्वे में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
- युवाओं के कौशल विकास के लिए अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है।
- बिहार के स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए हाट-बाजारों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
2. समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार
- दूसरा निश्चय राज्य को औद्योगिक हब बनाने पर केंद्रित है।
- उद्योगों के विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई लेवल कमिटी का गठन।
- बिहार को पूर्वी भारत का टेक्नोलॉजी हब बनाने की योजना।
- अगले 5 वर्षों में ₹50 लाख करोड़ के निजी निवेश का लक्ष्य।
- सभी जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
- छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई निदेशालय और बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना।
- बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को पुनः चालू किया जाएगा और 25 नई चीनी मिलें स्थापित होंगी।
3. कृषि में प्रगति – प्रदेश की समृद्धि
- तीसरा निश्चय किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है।
- चौथा कृषि रोड मैप (2024–2029) तेजी से लागू किया जाएगा।
- मखाना रोड मैप के जरिए मखाना उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ावा।
- डेयरी और मत्स्य पालन को प्राथमिकता।
- हर गांव में दुग्ध उत्पादन समितियां और प्रत्येक पंचायत में ‘सुधा’ बिक्री केंद्र।
- हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की योजना को और विस्तार।
4. उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य
- शिक्षा को विकास का आधार मानते हुए:
- अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन।
- पुराने प्रतिष्ठित संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदला जाएगा।
- राज्य में नई एजुकेशन सिटी का निर्माण।
5. सुलभ स्वास्थ्य – सुरक्षित जीवन
- स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए:
- प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में बदला जाएगा।
- जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया जाएगा।
- मेडिकल कॉलेजों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) को बढ़ावा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति।
- सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक की नीति।
6. मजबूत आधार – आधुनिक विस्तार
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास पर विशेष जोर:
- नए नियोजित शहरों का विकास।
- शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास।
- 5 नई एक्सप्रेस-वे और ग्रामीण सड़कों का 2-लेन चौड़ीकरण।
- सोलर एनर्जी को बढ़ावा, हर इच्छुक घर की छत पर सोलर पैनल।
- पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास।
- फिल्म सिटी, स्पोर्ट्स सिटी (पटना) और हर जिले में खेल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस।
- प्रगति यात्रा और सात निश्चय-2 की शेष 430 योजनाओं को पूरा किया जाएगा।
7. सबका सम्मान – जीवन आसान (Ease of Living)
- अंतिम निश्चय सुशासन और डिजिटल सुविधा पर केंद्रित है।
- आधुनिक तकनीक और नवाचार के जरिए Ease of Living।
- पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन।
- नागरिक सेवाओं को सरल, तेज और डिजिटल बनाना।
‘सात निश्चय योजना 3.0’ को बिहार के समावेशी, सतत और आत्मनिर्भर विकास की नींव माना जा रहा है। यह योजना रोजगार, उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर को एक साथ जोड़ते हुए राज्य को नए विकास पथ पर ले जाने का रोडमैप पेश करती है।











