नीतीश कुमार के बिहार छोड़ने से पहले भावुक हुए बेटे निशांत, बोले- 'पिता के 20 साल के कार्य लोगों को याद रहेंगे'

बिहार छोड़ने से पहले नीतीश कुमार के बेटे निशांत भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके पिता के 20 साल के कार्यों को लोग हमेशा याद रखेंगे। जानें पूरा बयान और इसके

Nishant Kumar ने मंगलवार (7 अप्रैल) को सोनपुर स्थित Baba Hariharnath Temple में पूजा-अर्चना की। मंदिर दर्शन के बाद वे भावुक नजर आए और अपने पिता Nitish Kumar की जमकर सराहना की।

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने मंगलवार (7 अप्रैल) को सोनपुर स्थित बाबा हरिहर नाथ मंदिर में दर्शन किए। दर्शन के बाद निशांत भावुक नजर आए और अपने पिता की तारीफ करते हुए उनके योगदान को याद किया। निशांत ने कहा कि पिछले दो दशकों में उनके पिता ने बिहार के लिए जो काम किए हैं, उन्हें लोग कभी नहीं भूलेंगे।

निशांत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “मैं अपने पिता से निवेदन करता हूं कि वे मुझ पर, हमारी पार्टी और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। बिहार के विकास में उनके योगदान को कोई भूल नहीं पाएगा। जनता हमेशा उनके कार्यों को याद रखेगी।”

निशांत कुमार का भावुक संदेश

निशांत के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने पिछले 20 वर्षों में जो भी योजनाएं और विकास कार्य किए, उसका असर बिहार की जनता पर हमेशा रहेगा। निशांत ने जनता से अपील की कि वे अपने समर्थन को जारी रखें और जदयू के साथ जुड़े रहें। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। 

हालांकि, जनता दल यूनाइटेड ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी के कुछ कार्यकर्ता निशांत कुमार को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखने की बात कर रहे हैं।

हरिहर नाथ मंदिर दर्शन और स्वागत

सोनपुर स्थित बाबा हरिहर नाथ मंदिर के दर्शन के दौरान निशांत कुमार का भव्य स्वागत किया गया। जदयू के कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाओं से सम्मानित किया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समर्थक मौजूद रहे। निशांत ने कहा कि “लगभग 20 साल पहले मैं अक्सर इस मंदिर आता था। लंबे समय बाद यहाँ आने का अनुभव बहुत सुखद और भावुक कर देने वाला है।”

मंदिर परिसर में उनके आगमन के दौरान कार्यकर्ताओं और जनता के बीच एक उत्साहपूर्ण माहौल देखा गया। निशांत ने मंदिर दर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी भावनाओं को साझा किया और बिहार के विकास में अपने पिता के योगदान पर प्रकाश डाला। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना है। इसी बीच निशांत कुमार को जदयू और बिहार राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत मिल रहे हैं। कुछ कार्यकर्ता निशांत को मुख्यमंत्री के संभावित उम्मीदवार के रूप में समर्थन दे रहे हैं।

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