मशहूर संगीतकार O. P. Nayyar की पोती और अभिनेत्री Niharika Raizada ने अपने करियर, फिल्म इंडस्ट्री के अनुभव और पारिवारिक विरासत को लेकर खुलकर बातचीत की है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: दिवंगत संगीतकार O. P. Nayyar की पोती Niharica Raizada ने मॉडलिंग और फिल्मी दुनिया दोनों में अपनी अलग पहचान बनाई है।निहारिका साल 2010 में मिस यूके और फिर मिस इंडिया वर्ल्डवाइड रह चुकी हैं। उनकी परवरिश लक्समबर्ग में हुई और उन्होंने मेडिकल साइंस में भी पढ़ाई की है। हालांकि, 2013 के बाद उन्होंने फिल्मी करियर की शुरुआत की। उनकी पहली फिल्म बंगाली भाषा की ‘दामोदल’ थी।
इसके बाद उन्हें ‘बेबी’ और ‘मसान’ जैसी फिल्मों से पहचान मिली। हाल के वर्षों में वह ‘अद्रिका’ (2025) और इस साल रिलीज हुई फिल्म ‘मर्सी’ में भी नजर आईं।
मॉडलिंग से फिल्मों तक का सफर
निहारिका रायजादा ने अपने करियर की शुरुआत ग्लैमर वर्ल्ड से की थी। वे 2010 में मिस यूके और फिर मिस इंडिया वर्ल्डवाइड रह चुकी हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा लक्समबर्ग में हुई और बाद में उन्होंने मेडिकल साइंटिस्ट के रूप में भी पढ़ाई की। साल 2013 के बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा। उनकी पहली फिल्म बंगाली फिल्म ‘दामोदर’ थी।
इसके बाद उन्हें बॉलीवुड में पहचान मिली, खासकर फिल्मों ‘बेबी’ और ‘मसान’ में काम करने के बाद। उन्होंने आगे ‘टोटल धमाल’, ‘सूर्यवंशी’ और अन्य प्रोजेक्ट्स में भी काम किया, जिससे उनका स्क्रीन प्रेजेंस लगातार मजबूत हुआ।
बड़े कलाकारों के साथ काम का अनुभव
निहारिका ने अपने करियर में कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया है और उनके अनुभव साझा किए। उन्होंने दिवंगत अभिनेता Om Puri को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अभिनय में भावनाओं की गहराई से काम करना सिखाया। अभिनेता Ranveer Singh के साथ काम करते हुए उन्होंने जुनून और ऊर्जा को एक अभिनेता की सबसे बड़ी ताकत बताया।
वहीं Akshay Kumar के बारे में उन्होंने कहा कि वे बेहद अनुशासित और फिटनेस के प्रति समर्पित व्यक्ति हैं, जिन्होंने उन्हें जीवनशैली और डेडिकेशन का महत्व समझाया। Ajay Devgn के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने फिल्म निर्माण, बिजनेस और प्रोडक्शन की समझ विकसित करने में मदद की।

आदिल हुसैन के साथ काम को बताया खास अनुभव
फिल्म ‘मर्सी’ में उनके सह-कलाकार रहे Adil Hussain के साथ काम को उन्होंने अपने करियर का एक बेहद महत्वपूर्ण अनुभव बताया। निहारिका ने कहा कि इतने बड़े करियर के बावजूद आदिल हुसैन बेहद विनम्र और सरल स्वभाव के हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी अभिनय शैली बेहद प्राकृतिक है और सेट पर उनका इम्प्रोवाइजेशन उन्हें एक बेहतरीन कलाकार बनाता है। उनके अनुसार, “जितना कोई कलाकार ऊंचाइयों पर पहुंचता है, उतना ही वह सरल हो जाता है,” और आदिल हुसैन इसका सटीक उदाहरण हैं।
‘अपने नाम के बजाय अपनी पहचान बनाना चाहती थी’
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर नेपोटिज़्म को लेकर चर्चा होती है। इस पर निहारिका ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी अपने दादा ओ.पी. नय्यर के नाम का उपयोग कर करियर बनाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि किसी ने उन्हें उनके दादा के नाम का इस्तेमाल करने का अवसर नहीं दिया, लेकिन वे इसे एक सकारात्मक अनुभव मानती हैं क्योंकि इससे उन्हें अपनी मेहनत पर निर्भर रहना पड़ा।
निहारिका ने कहा कि उन्होंने शुरुआत ऑडिशन और मिस इंडिया वर्ल्डवाइड जीतने के आधार पर की थी। हालांकि, कुछ प्रोजेक्ट्स जैसे ‘टोटल धमाल’ उन्हें फैमिली बैकग्राउंड के कारण मिले, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य हमेशा अपनी पहचान बनाना रहा। निहारिका का मानना है कि फिल्मी परिवार से होने के बावजूद सफलता की गारंटी नहीं होती। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में अवसर मिलना आसान नहीं है और कई लोग वर्षों तक संघर्ष करते हैं।








