‘स्ट्रीट फाइटर’ से हॉलीवुड में डेब्यू करने जा रहे अभिनेता विद्युत जामवाल ने ओटीटी के बढ़ते प्रभाव, कलाकारों की बदलती जिंदगी और फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष को लेकर अपनी राय साझा की है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल इन दिनों अपनी आगामी हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच एक इंटरव्यू में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष, बाहरी कलाकारों की चुनौतियों और स्टार बनने के बाद जिम्मेदारियों को लेकर अपनी राय साझा की है। विद्युत का मानना है कि अभिनय की दुनिया में जगह बनाने के लिए मेहनत और मुश्किलों का सामना करना प्रक्रिया का हिस्सा है।
उनके मुताबिक, असली सवाल यह है कि सफलता हासिल करने के बाद स्थापित कलाकार नए लोगों के लिए कितनी मदद करते हैं और उनकी राह आसान बनाने के लिए क्या करते हैं।
संघर्ष की परिभाषा पर विद्युत जामवाल ने क्यों उठाए सवाल?
फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी कलाकारों के संघर्ष पर बात करते हुए विद्युत जामवाल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता आसानी से नहीं मिलती। उन्होंने समझाया कि यदि कोई व्यक्ति तैरना सीखना चाहता है, तो उसे पानी में उतरना ही पड़ेगा। इसी तरह अभिनय की दुनिया में आने वाले कलाकारों को भी शुरुआती दौर में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
विद्युत के अनुसार, ऑडिशन देना, काम की तलाश करना, आर्थिक परेशानियों से गुजरना और नए शहर में अपनी पहचान बनाना कलाकारों की यात्रा का हिस्सा हो सकता है। लेकिन केवल इन अनुभवों को संघर्ष का सबसे बड़ा उदाहरण मान लेना सही नहीं है।
उन्होंने उन किस्सों पर भी सवाल उठाया, जिनमें कलाकार अपने शुरुआती दिनों में भूखे रहने, लोकल ट्रेन से सफर करने या लगातार ऑडिशन देने की घटनाओं को अपनी सफलता की कहानी का प्रमुख हिस्सा बताते हैं। विद्युत का मानना है कि ये अनुभव कठिन जरूर हो सकते हैं, लेकिन इन्हें ही वास्तविक संघर्ष की पूरी परिभाषा नहीं माना जाना चाहिए।
स्टार बनने के बाद नए कलाकारों की मदद करना जरूरी
विद्युत जामवाल ने अपनी बात में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि जब कोई कलाकार सफल हो जाता है, तो क्या वह नए लोगों के लिए अवसर पैदा करता है? उनके मुताबिक, किसी कलाकार की उपलब्धियों का महत्व केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं होना चाहिए। उसे यह भी सोचना चाहिए कि वह दूसरों की यात्रा को किस तरह आसान बना सकता है।
अभिनेता का मानना है कि इंडस्ट्री में स्थापित लोगों के पास नए कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें अवसर दिलाने की क्षमता होती है। यदि वे अपनी पहचान और अनुभव का इस्तेमाल उभरती प्रतिभाओं के लिए करते हैं, तो इससे फिल्म जगत में अधिक लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। विद्युत की इस राय को फिल्म इंडस्ट्री में अवसरों की समानता और नए कलाकारों के समर्थन से जुड़ी व्यापक बहस के संदर्भ में भी देखा जा सकता है।
OTT प्लेटफॉर्म ने कलाकारों के लिए खोले नए रास्ते

इंटरव्यू के दौरान विद्युत जामवाल ने ओटीटी यानी डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि उनके परिचय में कई ऐसे कलाकार रहे हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय या अन्य संस्थानों से अभिनय और रंगमंच की शिक्षा प्राप्त की थी। इसके बावजूद उन्हें लंबे समय तक पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा था।
विद्युत के मुताबिक, डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने ऐसे कलाकारों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। ओटीटी पर विभिन्न प्रकार की कहानियों और किरदारों को जगह मिलने से उन अभिनेताओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला, जिन्हें पारंपरिक फिल्म उद्योग में पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे थे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिन कलाकारों ने अभिनय की विधिवत शिक्षा हासिल की है या अपने कौशल को निखारने के लिए मेहनत की है, उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना चाहिए।
हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ से जुड़ी चर्चा
विद्युत जामवाल अपने एक्शन कौशल और मार्शल आर्ट्स के लिए पहचाने जाते हैं। अब उनकी आगामी हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ को लेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट से जुड़ना उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। उनका सफर उन भारतीय कलाकारों के लिए भी दिलचस्प है, जो घरेलू फिल्म उद्योग से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।
हालांकि, विद्युत की हालिया बातचीत का मुख्य विषय केवल उनका करियर नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष की बदलती परिभाषा और कलाकारों की सामाजिक जिम्मेदारी भी है।









