निर्जला एकादशी पर हरिद्वार के हरकी पैड़ी समेत गंगा घाटों पर सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भक्तों ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए घाटों पर विशेष निगरानी रखी।
हरिद्वार: निर्जला एकादशी के अवसर पर हरिद्वार के प्रमुख गंगा घाटों पर देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ पवित्र स्नान किया। हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर सुबह से धार्मिक अनुष्ठान, पूजा और दान-पुण्य का क्रम जारी रहा। पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहे।
हरकी पैड़ी समेत सभी प्रमुख घाटों पर उमड़ी आस्था

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में सुबह से ही श्रद्धा और भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला। हरकी पैड़ी सहित शहर के सभी प्रमुख गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए पहुंचे। उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने मां गंगा में डुबकी लगाकर भगवान विष्णु का स्मरण किया और परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य तथा जीवन में खुशहाली की कामना की। घाटों पर सुबह से ही पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम लगातार चलता रहा। कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मंदिरों में दर्शन किए और जरूरतमंद लोगों को जल, फल, वस्त्र तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान भी किया। पूरे दिन हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर धार्मिक माहौल बना रहा, जहां श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ पर्व में शामिल होते नजर आए।
अधिमास के कारण एक माह बाद मनाया गया पर्व
इस वर्ष निर्जला एकादशी का पर्व अधिमास (अधिक मास) के कारण अपने सामान्य समय से लगभग एक महीने बाद मनाया गया। आमतौर पर यह पर्व गंगा दशहरा के अगले दिन पड़ता है, लेकिन इस बार पंचांग में तिथियों के बदलाव के कारण इसका आयोजन जून के अंतिम सप्ताह में हुआ। धार्मिक विद्वानों के अनुसार अधिमास के दौरान कई पर्वों की तिथियों में परिवर्तन होना स्वाभाविक माना जाता है। तिथि में बदलाव के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे और विधि-विधान से गंगा स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा की। मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा से करने पर वर्षभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। यही कारण है कि इस दिन देशभर से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी, पूजा और दान-पुण्य का सिलसिला जारी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। हरकी पैड़ी, प्रमुख घाटों और मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी की गई। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। घाटों पर सफाई, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी श्रद्धालुओं की सहायता में सक्रिय भूमिका निभाई।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है। इस दिन व्रत रखने, गंगा स्नान करने और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने हरिद्वार पहुंचकर पूजा-अर्चना की और पूरे धार्मिक उत्साह के साथ पर्व मनाया। प्रशासन के बेहतर प्रबंधन और शांतिपूर्ण व्यवस्थाओं के बीच स्नान पर्व श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न होता नजर आया।











