Noida में फीस बढ़ाने पर 7 प्राइवेट स्कूलों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना, 45 को मिला था नोटिस

नोएडा में तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाने पर 7 निजी स्कूलों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया गया। इससे पहले 45 स्कूलों को नियमों के पालन के लिए नोटिस जारी किया गया था।

गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाने पर सात निजी स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे पहले 45 स्कूलों को नियमों का पालन करने के लिए नोटिस जारी किया गया था।

नोएडा: नोएडा में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिला फीस रेगुलेटरी कमेटी की समीक्षा में सात स्कूलों द्वारा फीस नियमन कानून का उल्लंघन पाए जाने पर प्रत्येक स्कूल पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन ने भविष्य में भी नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

फीस बढ़ोतरी के नियम तोड़ने पर सात स्कूलों पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने के मामलों पर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई जिला फीस रेगुलेटरी कमेटी की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित फीस संरचना की समीक्षा की गई। जांच में पाया गया कि सात निजी स्कूलों ने उत्तर प्रदेश सेल्फ-फाइनांस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल्स (फी रेगुलेशन) एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। इसके बाद प्रत्येक स्कूल पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अभिभावकों के हितों की रक्षा और फीस नियमन कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाने का आरोप

समीक्षा के दौरान सामने आया कि छह स्कूलों ने वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 7.23 प्रतिशत की अधिकतम सीमा से अधिक फीस बढ़ाई थी। वहीं एक अन्य स्कूल पर कंपोजिट फीस के अलावा अलग से वार्षिक शुल्क लेने और वर्ष 2025-26 की फीस संरचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड न करने का आरोप लगा। जिला फीस रेगुलेटरी कमेटी ने इन मामलों को फीस नियमन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन माना और पहली बार की गई गलती के आधार पर आर्थिक दंड लगाने का निर्णय लिया।

पहले 45 स्कूलों को भेजा गया था नोटिस

जिला प्रशासन ने बताया कि कार्रवाई से पहले कुल 45 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर फीस वृद्धि से जुड़े नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकांश स्कूलों ने नोटिस मिलने के बाद अपनी फीस संरचना में आवश्यक सुधार कर लिया, लेकिन सात स्कूल निर्धारित समय के भीतर उल्लंघनों को दूर नहीं कर सके। इसके बाद उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि स्कूलों को नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया था।

भविष्य में भी जारी रहेगी निगरानी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई भी स्कूल निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए तय सीमा से अधिक फीस वसूलता है या अधिनियम के अन्य प्रावधानों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ और कड़ी प्रशासनिक तथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों के विपरीत फीस वसूली जाती है, तो उसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें ताकि समय पर जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके। इस कदम को उन अभिभावकों के लिए राहत माना जा रहा है, जो लंबे समय से निजी स्कूलों की बढ़ती फीस को लेकर चिंता जता रहे थे।

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