उत्तर प्रदेश के नोएडा में निवेश के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने मुनाफे का लालच देकर तीन लोगों से करीब 1.38 करोड़ रुपये निवेश करा लिए। पीड़ितों को भरोसा दिलाया गया था कि उनके पैसे पर अच्छा रिटर्न मिलेगा और तय समय के बाद मूल रकम के साथ मुनाफा वापस कर दिया जाएगा। लेकिन जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने पैसे लौटाने के बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
ठगी का शिकार हुए लोगों ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निवेश के नाम पर रकम किस तरीके से ली गई और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं।
पीड़ितों के मुताबिक आरोपियों ने शुरुआत में उन्हें निवेश से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने ऐसे दावे किए जिससे उन्हें भरोसा हो गया कि यहां पैसा लगाने पर कम समय में अच्छा मुनाफा मिल सकता है। भरोसा बढ़ाने के लिए कथित तौर पर निवेश और रिटर्न से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।
इसके बाद तीनों पीड़ितों ने अलग-अलग समय पर आरोपियों को रकम दी। धीरे-धीरे निवेश की राशि बढ़ती गई और कुल रकम करीब 1.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पीड़ितों को उम्मीद थी कि तय अवधि पूरी होने के बाद उन्हें निवेश की रकम के साथ मुनाफा मिलेगा।
लेकिन जब भुगतान का समय आया तो आरोपियों की तरफ से टालमटोल शुरू हो गई। पीड़ितों ने जब अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो उन्हें अलग-अलग बहाने बताए गए। कुछ समय तक इंतजार करने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली तो पीड़ितों ने आरोपियों पर दबाव बनाना शुरू किया।
शिकायत के मुताबिक पैसे वापस मांगने पर मामला और गंभीर हो गया। आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ितों को धमकाया और रकम मांगना बंद करने के लिए दबाव बनाया। इससे पीड़ितों को अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता होने लगी।
पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि आरोपियों ने तीनों लोगों से संपर्क कैसे किया था। क्या आरोपियों ने पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरह निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाया था या यह केवल इन्हीं तीन लोगों से जुड़ा मामला है, इसकी भी जांच की जा रही है।
निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में अक्सर आरोपी लोगों को ज्यादा रिटर्न का लालच देते हैं। शुरुआत में निवेशक को कुछ लाभ दिखाकर भरोसा कायम किया जाता है। इसके बाद उससे बड़ी रकम निवेश कराने की कोशिश की जाती है। जब निवेशक अपनी रकम निकालना चाहता है तो कभी टैक्स, कभी प्रोसेसिंग फीस और कभी अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं।
नोएडा में सामने आए इस मामले में भी पुलिस इसी तरह के पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 1.38 करोड़ रुपये की रकम किन खातों में पहुंची और इसके बाद उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच से पुलिस को मामले की अहम कड़ियां मिलने की उम्मीद है।
जांच के दौरान पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर सकती है। यदि रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया है तो उन खातों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें निवेश के नाम पर भरोसा दिलाकर बड़ी रकम ली गई। इसके बाद जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा तो उन्हें धमकाया गया। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर लोगों को निवेश से पहले पूरी जांच करने की जरूरत को सामने ला दिया है। किसी भी व्यक्ति या कंपनी के कहने पर बड़ी रकम निवेश करने से पहले उसके दस्तावेज, पंजीकरण, बैंकिंग विवरण और निवेश योजना की वैधता की जांच करना जरूरी है। केवल ज्यादा मुनाफे के वादे के आधार पर पैसा देना जोखिम भरा हो सकता है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हैं या नहीं। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही ठगी की रकम की बरामदगी के लिए बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन को खंगाला जा सकता है।
नोएडा और आसपास के इलाकों में निवेश से जुड़े मामलों में साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में आरोपी पहले विश्वास कायम करते हैं और फिर बड़ी रकम का लेनदेन कराते हैं। कई बार पीड़ितों को शुरुआत में छोटा रिटर्न देकर विश्वास में लिया जाता है और बाद में उनसे बड़ी रकम जमा कराई जाती है।
इस मामले में भी पुलिस यह जांच कर रही है कि पीड़ितों को किसी तरह का शुरुआती रिटर्न दिया गया था या नहीं। अगर ऐसा हुआ है तो यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा कि शुरुआती भुगतान के लिए रकम कहां से आई थी।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों के बयान
दर्ज किए जा रहे हैं और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ठगी की पूरी योजना किस तरह तैयार की गई थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।
नोएडा में तीन लोगों से 1.38 करोड़ रुपये की ठगी के इस मामले में निवेश के नाम पर भरोसा जीतकर रकम हासिल करने का आरोप है। पैसे वापस मांगने पर धमकी मिलने के बाद पीड़ितों ने पुलिस का रुख किया। अब पुलिस आरोपियों की पहचान, बैंक लेनदेन, निवेश के पूरे नेटवर्क और रकम की बरामदगी को लेकर जांच आगे बढ़ा रही है।











