NSS स्वयंसेवकों ने बढ़ाया हरियाणा का मान, कर्तव्य पथ पर करेंगे परेड

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर हरियाणा के आठ NSS स्वयंसेवक कर्तव्य पथ पर परेड में शामिल होंगे। ये स्वयंसेवक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सलामी देंगे। यह चयन राज्य

गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर हरियाणा के आठ NSS स्वयंसेवक कर्तव्य पथ पर परेड में शामिल होंगे। ये स्वयंसेवक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सलामी देंगे। यह चयन राज्य के लिए गर्व का विषय है।

Haryana: गणतंत्र दिवस 2026 के भव्य समारोह की तैयारियां पूरे देश में जोरों पर हैं। इस राष्ट्रीय पर्व पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर देश की विविधता, अनुशासन और युवा शक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। इसी कड़ी में हरियाणा के लिए गर्व की खबर सामने आई है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में हरियाणा के आठ राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्वयंसेवक कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सलामी देते नजर आएंगे। यह अवसर न केवल इन युवाओं के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए सम्मान का प्रतीक है।

हरियाणा से चुने गए आठ NSS स्वयंसेवक

गणतंत्र दिवस परेड के लिए देशभर से हजारों एनएसएस स्वयंसेवकों में से चयन किया जाता है। इस बार हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से आठ स्वयंसेवकों का चयन हुआ है। इनमें गुरुग्राम विश्वविद्यालय और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार से सबसे ज्यादा दो-दो स्वयंसेवक शामिल हैं। 

इसके अलावा चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से भी प्रतिभाशाली स्वयंसेवकों को मौका मिला है।

चयनित स्वयंसेवकों के नाम और संस्थान

गुरुग्राम विश्वविद्यालय से गरिमा आहूजा और कीर्ति सिंह का चयन हुआ है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से हिमानी को यह सम्मान मिला है। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार से मानसी सनसनवाल और ईश्वर को चुना गया है। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ से सुहेल दास, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी से जतिन शर्मा और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से प्रीतेश इस सूची में शामिल हैं।

हर NSS स्वयंसेवक का सपना होता है कर्तव्य पथ

राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े हर स्वयंसेवक का सपना होता है कि वह अपने जीवन में एक बार गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर कदमताल करे। यह अवसर किसी भी स्वयंसेवक को सिर्फ एक बार ही मिलता है। इसी वजह से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। देश की सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का ऐसा मंच हर युवा के लिए गर्व का क्षण होता है।

गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कठिन होती है। यह प्रक्रिया कॉलेज स्तर से शुरू होकर विश्वविद्यालय, राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर तक जाती है। स्वयंसेवकों का चयन उनकी परेड क्षमता, अनुशासन, सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी और नेतृत्व गुणों के आधार पर किया जाता है।

उत्तर क्षेत्र प्री-आरडीसी कैंप में हुआ चयन

इस वर्ष पंजाब के चितकारा विश्वविद्यालय में 10 दिवसीय उत्तर क्षेत्र पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में हरियाणा के 32 एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया। यहां परेड और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रदर्शन के आधार पर अंतिम रूप से आठ स्वयंसेवकों का चयन किया गया। अब ये सभी स्वयंसेवक राष्ट्रीय स्तर के कैंप में भाग लेंगे।

नई दिल्ली में मिलेगा एक महीने का Special Training

चयनित स्वयंसेवकों को नई दिल्ली में एक महीने का विशेष प्रशिक्षण (Special Training) दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें परेड ड्रिल, अनुशासन, टाइम मैनेजमेंट और राष्ट्रीय समारोह के प्रोटोकॉल की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गणतंत्र दिवस के दिन हर स्वयंसेवक पूरे आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ कर्तव्य पथ पर कदमताल कर सके।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलने का अवसर

गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले स्वयंसेवकों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलने का भी अवसर मिलता है। यह पल उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है। ऐसे मौके युवा स्वयंसेवकों को देश सेवा के लिए और प्रेरित करते हैं।

गरिमा आहूजा की प्रेरणादायक कहानी

द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और गुरुग्राम विश्वविद्यालय की छात्रा गरिमा आहूजा इस परेड में शामिल होने जा रही हैं। गरिमा पिछले एक वर्ष से एनएसएस स्वयंसेवक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने बताया कि इसी सेवा के चलते उन्हें इसी साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिला था। वहीं से उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का लक्ष्य तय किया और मेहनत के बल पर चयनित भी हो गईं।

प्रीतेश का सफर NSS से कर्तव्य पथ तक

अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ और एमडीयू रोहतक के छात्र प्रीतेश का भी चयन हुआ है। प्रीतेश ने बताया कि वह वर्ष 2024 में एनएसएस से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने एनआईसी कैंप में भाग लिया और अब गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का अवसर मिला है। वह इससे पहले कई राज्य स्तरीय एनएसएस प्रतियोगिताओं में जीत हासिल कर चुके हैं।

हिमानी का अनुभव

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की छात्रा हिमानी वर्ष 2023 से एनएसएस स्वयंसेवक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। हिमानी इससे पहले तीन बार राष्ट्रीय साहसिक शिविर में भाग ले चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर परेड में शामिल होना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है।

मानसी और ईश्वर की मेहनत रंग लाई

गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार की छात्रा मानसी सनसनवाल वर्ष 2023 से एनएसएस से जुड़ी हुई हैं। वहीं राजकीय महाविद्यालय हिसार के छात्र ईश्वर वर्ष 2024 में एनएसएस से जुड़े थे। ईश्वर ने बताया कि उन्हें पहली बार कर्तव्य पथ पर परेड में शामिल होने का मौका मिला है। इससे पहले वह राष्ट्रीय कैंप में सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

वैश्य कॉलेज भिवानी के जतिन शर्मा पिछले करीब एक वर्ष से एनएसएस स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ के छात्र सुहेल दास ने बताया कि उन्होंने पहली बार गणतंत्र दिवस परेड के लिए प्रयास किया था और पहली ही कोशिश में सफलता मिली।

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