देश के बढ़ते प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर नवजात बच्चों पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एयर प्यूरीफायर हवा से हानिकारक कणों को हटाकर बच्चों को कुछ हद तक सुरक्षित रख सकता है। हालांकि, यह पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता, इसलिए डॉक्टर की सलाह, वेंटिलेशन और नियमित सफाई के साथ इसका इस्तेमाल करना जरूरी है।
Air Purifier And Newborn Safety: बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली-एनसीआर और अन्य बड़े शहरों में नवजात बच्चों के लिए साफ हवा की जरूरत बढ़ गई है। एम्स के पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, एयर प्यूरीफायर हवा में मौजूद धूल, धुआं और हानिकारक कणों को फ़िल्टर करके बच्चों को राहत दे सकता है। यह उपाय विशेष रूप से उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां प्रदूषण का स्तर अधिक है, लेकिन इसे पूरी सुरक्षा मानना सही नहीं है। डॉक्टर की सलाह और कमरे की वेंटिलेशन के साथ इसका इस्तेमाल सबसे सुरक्षित माना जाता है।
एयर प्यूरीफायर राहत या पूरी सुरक्षा?
डॉ. भदानी बताते हैं कि वायु शुद्धिकरण यंत्र हवा से धूल, स्मॉग और हानिकारक कणों को हटाने में मदद करता है और नवजात बच्चों को कुछ हद तक राहत दिला सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि एयर प्यूरीफायर पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। यदि घर का वातावरण अत्यधिक प्रदूषित है, तब भी प्यूरीफायर के उपयोग के साथ अन्य सावधानियां बरतना आवश्यक है। बच्चे को प्यूरीफायर के अत्यधिक पास रखना या इसे लगातार चलाना अनुशंसित नहीं है।

ध्यान रखने योग्य बातें
एक सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं। कमरे की खिड़कियां दिन में थोड़ी देर के लिए खोलकर वेंटिलेशन बनाए रखें। एयर प्यूरीफायर के फिल्टर को समय-समय पर साफ या बदलते रहें। कमरे में धूम्रपान या अगरबत्ती का धुआं न फैलने दें और बच्चे को धूल-मिट्टी और गंदगी से दूर रखें। इसके साथ ही, एयर प्यूरीफायर पर पूरी तरह निर्भर न रहें, घर में पौधे और नियमित सफाई भी हवा को साफ रखने में मदद करते हैं।
बढ़ते प्रदूषण के बीच एयर प्यूरीफायर नवजात बच्चों के लिए मददगार साबित हो सकता है, लेकिन इसे एकमात्र सुरक्षा उपाय मानना सही नहीं है। डॉक्टर की सलाह के साथ इसे इस्तेमाल करें और कमरे में सफाई, पौधे और वेंटिलेशन जैसी साधारण सावधानियां अपनाएं। यह संयोजन बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देने में सहायक होगा।













