खरीफ धान खरीद को लेकर ओडिशा में उठी किसानों की परेशानी, पश्चिमी जिलों के विधायकों ने मंत्री से की मुलाकात

ओडिशा में खरीफ धान खरीद से पहले पश्चिमी जिलों के विधायकों ने आपूर्ति मंत्री से किसानों की समस्याएं उठाईं। सरकार ने पंजीकरण और टोकन में आसानी का भरोसा दिया।

ओडिशा में खरीफ धान खरीद से पहले पश्चिमी क्षेत्र के विधायकों ने किसानों के पंजीकरण और टोकन से जुड़ी समस्याएं आपूर्ति मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने सभी पात्र किसानों के पंजीकरण और धान बिक्री के लिए टोकन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

भुवनेश्वर: ओडिशा में आगामी खरीफ धान खरीद सीजन से पहले किसानों की पंजीकरण और धान बिक्री से जुड़ी समस्याओं को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पश्चिमी ओडिशा के कई विधायकों ने सोमवार को राज्य के आपूर्ति मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र से मुलाकात कर किसानों के सामने आने वाली दिक्कतों को उठाया। बैठक में बलांगीर, बरगढ़ और संबलपुर समेत पश्चिमी ओडिशा के क्षेत्रों से जुड़े विधायकों ने खरीद प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाने की मांग की।

विधायकों ने खास तौर पर किसानों के पंजीकरण, टोकन जारी होने और मंडियों में धान बेचने की प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों पर चर्चा की। उनका कहना था कि खरीफ सीजन में किसान अपनी उपज बेचने की तैयारी कर रहे हैं और ऐसे समय में प्रशासनिक प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा किसानों के लिए आर्थिक परेशानी पैदा कर सकती है।

किसानों के पंजीकरण और टोकन पर जताई चिंता

बैठक के दौरान विधायकों ने मौजूदा धान खरीद व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं मंत्री के सामने रखीं। उनका कहना था कि किसानों को पंजीकरण कराने और धान बिक्री के लिए टोकन हासिल करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।

धान खरीद प्रक्रिया में पंजीकरण महत्वपूर्ण चरण होता है, क्योंकि इसी के आधार पर पात्र किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था में शामिल किया जाता है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए टोकन उपलब्ध कराया जाता है।

विधायकों ने सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पात्र किसानों को तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से खरीद प्रक्रिया से बाहर न होना पड़े। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में प्रक्रिया को आसान बनाने और किसानों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

आपूर्ति मंत्री ने किसानों को दिया भरोसा

विधायकों की चिंताओं का जवाब देते हुए आपूर्ति मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों को परेशान करने का कोई इरादा नहीं रखती। उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा और धान बेचने के लिए उन्हें टोकन उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि सरकार पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। पश्चिमी ओडिशा के विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाएगा, ताकि खरीफ धान खरीद के दौरान किसानों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

सरकार की ओर से दिया गया यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब राज्य के किसान खरीफ फसल की कटाई और सरकारी खरीद की तैयारी कर रहे हैं। धान खरीद की प्रक्रिया समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरी होना किसानों की आय और कृषि व्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

जमीन मालिकों और बटाईदार किसानों के लिए अलग ऐप

बैठक में आपूर्ति मंत्री ने पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक नई डिजिटल पहल की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि जमीन मालिकों और बटाईदार किसानों के लिए अलग ऐप विकसित किया गया है।

इस ऐप के माध्यम से किसान फेस ऑथेंटिकेशन यानी चेहरे की पहचान आधारित सत्यापन का इस्तेमाल करते हुए पंजीकरण करा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य डिजिटल तकनीक की मदद से पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाना और पात्र किसानों को सरकारी धान खरीद व्यवस्था में शामिल करना है।

बटाईदार किसानों के लिए पंजीकरण विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वे जमीन के मालिक नहीं होने के बावजूद कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई व्यवस्था के जरिए ऐसे किसानों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल करने की कोशिश की जा रही है।

फेस ऑथेंटिकेशन से आसान होगा सत्यापन

नई ऐप आधारित व्यवस्था में फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किसानों की पहचान सत्यापित करने के लिए किया जाएगा। इससे पंजीकरण प्रक्रिया में पहचान से जुड़ी जटिलताओं को कम करने की उम्मीद है।

हालांकि, डिजिटल प्रणाली की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को ऐप का इस्तेमाल करने में कितनी आसानी होती है। इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्मार्टफोन की उपलब्धता और डिजिटल जानकारी जैसे पहलू भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इसलिए किसानों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा, ताकि तकनीकी समस्या की स्थिति में पात्र किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाएं।

पश्चिमी ओडिशा में धान खरीद क्यों अहम है?

पश्चिमी ओडिशा राज्य के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। खरीफ सीजन में तैयार होने वाली धान की फसल किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत होती है।

सरकारी खरीद व्यवस्था किसानों को अपनी उपज निर्धारित प्रक्रिया के तहत बेचने का अवसर देती है। ऐसे में पंजीकरण, टोकन और खरीद केंद्रों की व्यवस्था में किसी तरह की देरी सीधे किसानों को प्रभावित कर सकती है।

विधायकों द्वारा उठाई गई चिंताओं को इसी व्यापक कृषि संदर्भ में देखा जा रहा है। उनका जोर इस बात पर है कि खरीद शुरू होने से पहले प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली जाएं और किसानों को अंतिम समय में परेशानियों का सामना न करना पड़े।

सरकार के सामने प्रक्रिया सुचारु रखने की चुनौती

राज्य सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि जमीनी स्तर पर मंत्री की ओर से दिए गए आश्वासन प्रभावी तरीके से लागू हों। केवल पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि किसानों को समय पर टोकन, खरीद केंद्रों की जानकारी और बिक्री की प्रक्रिया भी स्पष्ट रूप से उपलब्ध करानी होगी।

ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में किसानों के एक साथ पंजीकरण कराने और धान बेचने की स्थिति में प्रशासनिक दबाव भी बढ़ सकता है। इसलिए संबंधित विभागों को पहले से व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत होगी।

विधायकों ने भी सरकार से यही अपेक्षा जताई है कि किसानों को खरीफ खरीद सीजन के दौरान किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो।

किसानों के लिए सरकार का क्या संदेश?

आपूर्ति मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार सभी पात्र किसानों को पंजीकरण की सुविधा देने और धान खरीद के लिए टोकन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जमीन मालिकों और बटाईदारों के लिए विकसित ऐप को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

अब किसानों की नजर इस बात पर होगी कि नई डिजिटल व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है और पंजीकरण से लेकर धान बिक्री तक पूरी प्रक्रिया कितनी आसान रहती है।

पश्चिमी ओडिशा के विधायकों और आपूर्ति मंत्री के बीच हुई बैठक से फिलहाल सरकार और किसानों के बीच संवाद का रास्ता मजबूत होने के संकेत मिले हैं। आने वाले खरीफ सीजन में इस व्यवस्था की वास्तविक परीक्षा तब होगी, जब बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर लेकर पहुंचेंगे।

Leave a comment