Amethi विवाद पर OP Rajbhar का Akhilesh Yadav पर हमला, सपा की PDA राजनीति पर उठाए सवाल

अमेठी विवाद के बाद Om Prakash Rajbhar ने Akhilesh Yadav और सपा की PDA राजनीति पर सवाल उठाए। महिला विधायक के सम्मान को लेकर भी निशाना साधा।

अमेठी में सपा विधायक महाराजी देवी के आवास पर हंगामे और मारपीट के आरोपों के बाद यूपी मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने सपा की PDA राजनीति और गैर-यादव नेताओं के सम्मान को लेकर सवाल उठाए।

 Lucknow: उत्तर प्रदेश के अमेठी में Maharaji Devi के आवास पर हुए विवाद के बाद सियासत तेज हो गई है। योगी सरकार में मंत्री Om Prakash Rajbhar ने इस मामले को लेकर Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में गैर-यादव पिछड़ों और दलित नेताओं को सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल रही है।

विधायक के आवास पर हंगामे के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

मंगलवार रात अमेठी की आवास विकास कॉलोनी स्थित Maharaji Devi के घर के बाहर हंगामे और मारपीट के आरोप सामने आए। विधायक परिवार का आरोप है कि कई लोग स्कॉर्पियो और मोटरसाइकिलों से पहुंचे और गाली-गलौज के साथ धमकियां दीं। विरोध करने पर मारपीट करने और मोबाइल छीनने का भी आरोप लगाया गया है।

विधायक के बेटे अनुराग प्रजापति ने अमेठी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए जय सिंह प्रताप यादव, शेर बहादुर यादव और बलराम यादव समेत कई लोगों को नामजद किया है। पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।

OP Rajbhar ने Akhilesh Yadav पर साधा निशाना

इस घटना के बाद Om Prakash Rajbhar ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर सपा नेतृत्व पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में गैर-यादव पिछड़े और दलित केवल चुनावी राजनीति तक सीमित हैं, जबकि सत्ता और प्रभाव कुछ खास वर्गों तक ही सीमित है।

राजभर ने आरोप लगाया कि महिला विधायक के साथ दुर्व्यवहार और धमकियों के बावजूद Akhilesh Yadav चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने सपा की PDA राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी का वास्तविक व्यवहार उसके सार्वजनिक दावों से अलग दिखाई देता है।

सोशल मीडिया विवाद से जुड़ रही घटना की कड़ी

स्थानीय स्तर पर इस पूरे विवाद को समाजवादी पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है कि महाराजी देवी को टिकट मिलने के बाद कुछ स्थानीय नेताओं में नाराजगी बनी हुई थी।

मामले में जय सिंह यादव का नाम भी चर्चा में है, जिन्हें स्थानीय राजनीति में सपा नेतृत्व के करीबी नेताओं में गिना जाता है। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें अक्सर पार्टी नेतृत्व के साथ सामने आती रही हैं।

फिलहाल पुलिस प्रशासन आरोपों की जांच कर रहा है। अब राजनीतिक नजर इस बात पर टिकी है कि समाजवादी पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और पार्टी स्तर पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

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