OpenAI AI Agent Alert: 100 से ज्यादा कंपनियों को भेजा अलर्ट, अनधिकृत गतिविधियों की जांच तेज

OpenAI ने AI एजेंट्स से जुड़ी अनधिकृत गतिविधियों के मामलों में 100 से ज्यादा संगठनों को अलर्ट किया है। कंपनी करीब 50 पेटाबाइट डेटा की समीक्षा कर रही है।

ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया है कि उसने 100 से ज्यादा कंपनियों को अलर्ट भेजा है। कंपनी के मुताबिक, उसके AI टूल्स से जुड़ी कुछ ऐसी गतिविधियां सामने आई हैं, जो अनधिकृत या संदिग्ध हो सकती हैं।

टेक न्यूज़: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI एजेंट्स की बढ़ती क्षमताओं के बीच उनकी सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर नई चिंता सामने आई है। ChatGPT की निर्माता कंपनी OpenAI ने 100 से ज्यादा संगठनों को अलर्ट किया है कि उसके AI एजेंट्स से जुड़ी ऐसी गतिविधियां सामने आई हैं, जो उनकी तय सीमाओं से बाहर थीं या अनधिकृत मानी जा सकती हैं। कंपनी ने प्रभावित संगठनों को जानकारी देकर उन्हें अपने सिस्टम की जांच करने का मौका दिया है।

हालांकि, OpenAI ने यह स्पष्ट किया है कि इस तरह का अलर्ट मिलने का मतलब यह नहीं है कि हर संगठन का सिस्टम हैक हो गया या उसके निजी डेटा की चोरी हुई। कई मामलों में AI एजेंट्स ने ऐसे तरीकों से इंटरनेट या बाहरी सिस्टम के साथ संपर्क किया, जिसकी अनुमति या अपेक्षा उनके परीक्षण के दौरान नहीं थी।

जुलाई की Hugging Face घटना के बाद बढ़ी जांच

OpenAI की यह कार्रवाई जुलाई 2026 में सामने आई Hugging Face सुरक्षा घटना के बाद कंपनी की व्यापक आंतरिक जांच का हिस्सा है। OpenAI के मुताबिक, उस समय साइबर सुरक्षा परीक्षण के दौरान उसके कुछ AI मॉडल्स ने ऐसे सुरक्षा नियंत्रणों को दरकिनार किया, जिनका उद्देश्य उन्हें इंटरनेट और बाहरी सिस्टम से अलग रखना था। बाद में एजेंट्स ने Hugging Face के कुछ सिस्टम तक पहुंच बनाई।

OpenAI ने अपनी विस्तृत जांच में बताया कि परीक्षण के दौरान कुछ AI एजेंट्स ने आपस में संवाद करने के लिए ऐसे माध्यम खोज लिए, जिन्हें उनके लिए उपलब्ध नहीं कराया गया था। उन्होंने इंटरनेट तक पहुंच हासिल करने और अलग-अलग सिस्टम में सुरक्षा कमजोरियों का इस्तेमाल करने के तरीके भी खोजे। कंपनी ने इस घटना को AI एजेंट्स की सुरक्षा और नियंत्रण के लिए गंभीर चेतावनी बताया है। इसके बाद OpenAI ने अपने रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर में अतिरिक्त सुरक्षा नियंत्रण लागू करने, इंटरनेट एक्सेस को सीमित करने और AI एजेंट्स के व्यवहार की निगरानी मजबूत करने की बात कही।

100 से अधिक संगठनों को क्यों किया गया अलर्ट?

OpenAI की हालिया जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए जिनमें उसके AI एजेंट्स ने बाहरी संगठनों की वेबसाइटों या डिजिटल सिस्टम के साथ अपेक्षित सीमाओं से अलग तरीके से इंटरैक्ट किया। इन घटनाओं को समझने के लिए कंपनी यह जांच कर रही है कि AI एजेंट ने किस परिस्थिति में किसी बाहरी सिस्टम तक पहुंच बनाने की कोशिश की, क्या उसके पास किसी तरह की अनुमति थी और उस गतिविधि से किसी संगठन को वास्तविक नुकसान हुआ या नहीं।

OpenAI ने प्रभावित पक्षों को सूचना देने का फैसला इसलिए किया है ताकि संबंधित संगठन अपने लॉग, सुरक्षा प्रणालियों और संभावित कमजोरियों की स्वतंत्र जांच कर सकें। Reuters के अनुसार, 100 से ज्यादा संगठनों को इस तरह की सूचना दी गई है।

निजी डेटा चोरी होने की बात नहीं

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अलर्ट जारी होना और डेटा चोरी होना एक ही बात नहीं है। OpenAI ने कुछ मामलों में अनधिकृत या अनुचित गतिविधि की पहचान की है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर प्रभावित संगठन का निजी या संवेदनशील डेटा AI एजेंट ने हासिल कर लिया। सितंबर में सामने आए अलग-अलग मामलों में OpenAI ने यह भी बताया था कि कुछ AI एजेंट्स ने सरकारी और सार्वजनिक वेबसाइटों के साथ अपेक्षित सीमाओं के बाहर गतिविधियां की थीं। कंपनी ने कई मामलों में निजी डेटा तक पहुंच या सफल डेटा चोरी से इनकार किया था।

50 पेटाबाइट डेटा की जांच

OpenAI इस समय AI एजेंट्स की गतिविधियों को समझने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा और लॉग का विश्लेषण कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक जांच का दायरा करीब 50 पेटाबाइट डेटा तक बताया गया है। कंपनी को इन बड़े डेटा सेट्स को प्रोसेस करने के लिए हजारों हाई-एंड GPU का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में करीब 7,000 GPU और लगभग 5 लाख डॉलर प्रतिदिन के कंप्यूटिंग खर्च का उल्लेख किया गया है। यह आंकड़ा बताता है कि AI एजेंट्स के व्यवहार की निगरानी और फोरेंसिक जांच कितनी संसाधन-गहन प्रक्रिया बन चुकी है।

AI एजेंट्स के लिए क्यों अहम है यह मामला?

पारंपरिक AI टूल आम तौर पर यूजर के सवालों का जवाब देने तक सीमित रहते हैं, जबकि AI एजेंट किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई चरणों में खुद कार्रवाई कर सकते हैं। वे वेबसाइट खोल सकते हैं, जानकारी जुटा सकते हैं, कोड चला सकते हैं और कुछ परिस्थितियों में दूसरे डिजिटल टूल्स के साथ इंटरैक्ट कर सकते हैं।

यही स्वायत्तता सुरक्षा के लिहाज से चुनौती भी पैदा करती है। OpenAI की जुलाई की जांच में सामने आया कि पर्याप्त सुरक्षा नियंत्रण नहीं होने पर अत्यधिक सक्षम AI एजेंट तकनीकी सीमाओं को पार करने और अलग-अलग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

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