पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सोनमियानी क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 4.8 तीव्रता का भूकंप महसूस हुआ। झटके देर रात लगे। राहत की बात है कि इस भूकंप में किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
Earthquake: पाकिस्तान की दक्षिणी धरती एक बार फिर भूकंप के झटकों से हिल उठी। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (National Center for Seismology) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान के सोनमियानी इलाके में धरती के 10 किलोमीटर की गहराई में था। झटके देर रात एक बजकर 21 मिनट पर महसूस किए गए। उस वक्त अधिकांश लोग सो रहे थे, जिससे किसी बड़ी हानि की संभावना कम रही।
सोनमियानी का भूकंप केंद्र
सोनमियानी दक्षिण-पूर्वी बलूचिस्तान का एक तटीय गांव है, जो कराची से लगभग 87 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां हाल ही में आए भूकंप से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है। इससे पहले सोमवार को सिबी शहर और बलूचिस्तान के आसपास के इलाकों में 3.2 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे।
बलूचिस्तान और दक्षिणी पाकिस्तान का हिस्सा भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील इलाके में आता है। यहां इंडो-ऑस्ट्रेलियाई टेक्टोनिक प्लेट धीरे-धीरे यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। इस प्लेट टकराव के कारण समय-समय पर इलाके में भूकंप आते रहते हैं। भूकंप की तीव्रता और केंद्र की गहराई प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा और संभावित नुकसान तय करती है।
पाकिस्तान में इतिहास के बड़े भूकंप
पाकिस्तान में समय-समय पर कई बड़े और विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं। इनमें कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं।
28 दिसंबर 1974: हुनजा (उत्तरी क्षेत्र) में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 मापी गई। स्वात, हजारा और हुनजा जिलों में भारी तबाही हुई और करीब 5,300 लोगों की मौत हुई।
8 अक्टूबर 2005: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और खैबर पख्तूनख्वा इलाके में यह भूकंप आया। यह अब तक पाकिस्तान में आया सबसे विनाशकारी भूकंप माना गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.6 मापी गई। अनुमानित मौतें करीब 80,000 से 1,00,000 तक हुईं। मुजफ्फराबाद, बालाकोट और आसपास के क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
29 अक्टूबर 2008: जियारत (बलूचिस्तान) में आए इस भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई। इस घटना में करीब 215 लोगों की जान गई और क्वेटा के आसपास कई गांव तबाह हो गए।
18 जनवरी 2011: दलबंदिन (बलूचिस्तान) में आए भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी गई। दूरदराज का इलाका होने के कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
24 सितंबर 2013: अवारान (बलूचिस्तान) में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई। करीब 386 लोगों की मौत हुई और हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए।
26 अक्टूबर 2015: हिंदूकुश (उत्तरी पाकिस्तान प्रभावित इलाका) में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.5 मापी गई। इसका केंद्र अफगानिस्तान में था, लेकिन पाकिस्तान में भी सैकड़ों लोगों की जान गई।
भूकंप की तैयारी और सुरक्षा
पाकिस्तान में भूकंप की संवेदनशीलता के कारण सरकार और स्थानीय प्रशासन समय-समय पर आपदा प्रबंधन और बचाव के उपायों को मजबूत करने की कोशिश करते हैं। भूकंप का केंद्र और गहराई जानने से राहत और बचाव कार्य को योजना बद्ध तरीके से किया जा सकता है।
सोनमियानी भूकंप से मिली राहत
हाल ही में आए 4.8 तीव्रता वाले भूकंप में किसी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई। यह बात राहत की है। इससे स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने का संदेश मिला है।










