प्रधानमंत्री मोदी की जॉर्डन यात्रा ने भारत-जॉर्डन संबंधों को मजबूत किया है। अम्मान में दोनों देशों के बीच पांच अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। समझौतों से व्यापार, रोजगार, तकनीक और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। जॉर्डन में भारतीय पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं, और मजबूत जॉर्डनियन दिनार भारतीय रुपये में आकर्षक कमाई प्रदान करता है।
भारत-जॉर्डन संबंधों में मजबूती: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जॉर्डन की राजधानी अम्मान का दौरा किया और जॉर्डन के राजा किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के साथ मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों ने पांच अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो व्यापार, रोजगार और तकनीक में सहयोग बढ़ाएंगे। जॉर्डन में निर्माण, स्वास्थ्य, आईटी और सेवा क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों के लिए नए रोजगार अवसर खुलेंगे। जॉर्डनियन दिनार की मजबूत मुद्रा भारतीयों के लिए आकर्षक वेतन का अवसर भी प्रदान करती है।
भारत-जॉर्डन संबंधों में पीएम मोदी का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जॉर्डन यात्रा ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया है। अम्मान में जॉर्डन के राजा किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन से मुलाकात के दौरान भारत और जॉर्डन ने कुल 5 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का असर व्यापार, रोजगार, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्रों में देखा जाएगा। सरकार का कहना है कि इन समझौतों से दोनों देशों के सहयोग और गहरा होगा।

जॉर्डन में भारतीयों के लिए रोजगार के अवसर
जॉर्डन मिडिल ईस्ट का एक महत्वपूर्ण देश है, जहां निर्माण, स्वास्थ्य, आईटी, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में नौकरी के अवसर हैं। भारत-जॉर्डन के बढ़ते संबंधों से भारतीय पेशेवरों के लिए जॉर्डन में रोजगार के अवसर और बढ़ सकते हैं। कई भारतीय पहले से ही जॉर्डन में काम कर रहे हैं और आने वाले समय में संख्या बढ़ने की संभावना है।
जॉर्डन की करेंसी और भारतीय रुपये में तुलना
जॉर्डन की आधिकारिक मुद्रा जॉर्डनियन दिनार है, जो मजबूत मुद्राओं में गिनी जाती है। 1 जॉर्डनियन दिनार = 128.09 भारतीय रुपये के बराबर है। उदाहरण के लिए, अगर कोई भारतीय 50,000 जॉर्डनियन दिनार कमाता है, तो यह भारतीय रुपये में लगभग 64 लाख रुपये के बराबर होता है। इसका मतलब है कि जॉर्डन में काम करने से कमाई भारत की तुलना में अधिक लाभकारी हो सकती है।









