पाकिस्तान में आसिम मुनीर बने अनौपचारिक राजा, संसद ने दी आजीवन वर्दी

शहबाज सरकार ने आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) नियुक्त किया। उन्हें पांच साल का कार्यकाल और आजीवन वर्दी में सुरक्षा मिली, विपक्ष ने आलोचना की।

पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाया। यह पद तीनों सेनाओं का समन्वय करेगा। उन्हें पांच साल का कार्यकाल और आजीवन वर्दी में सुरक्षा मिली, जिसे विपक्ष ने आलोचना की।

Pakistan Update: पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) नियुक्त किया है। यह नया पद पाकिस्तान की तीनों सेनाओं थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए बनाया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुनीर की नियुक्ति अगले पांच साल के लिए होगी। इसके साथ ही वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर का कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

हालांकि मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को भारत से हार का सामना करना पड़ा था, इसके बावजूद मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया। इस दौरान मुनीर ने पूरे पाकिस्तान में प्रचार किया कि पाक ने भारत पर जीत दर्ज की है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत थी। इस कदम के बाद मुनीर पाकिस्तान में एक तरह से अनौपचारिक राजा बन गए हैं।

मुनीर को मिला CDF पद

नया पद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) हाल ही में बनाए गए पदों में से एक है। बताया जाता है कि यह पद चेयरमैन, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी की जगह लेता है, जिसे हाल ही में समाप्त किया गया था। मुनीर की सीडीएफ पर नियुक्ति पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने उन्हें शुभकामनाएं भी दी हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उन अफवाहों पर भी विराम लग गया था, जिसमें कहा जा रहा था कि मुनीर को इस पद पर नियुक्त करना लंबी प्रक्रिया बन सकती है।

मुनीर को साल 2022 में पाकिस्तान सेना के प्रमुख के पद पर नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल को साल 2024 में पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया। इसके बाद उनकी फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नति पाकिस्तान के इतिहास में दूसरी बार हुई। इससे पहले यह पद जनरल अय्यूब खान को मिला था, जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध का नेतृत्व किया था। उस युद्ध में भी पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा था।

मुनीर की पदोन्नति पर बढ़ा विवाद

आसिम मुनीर की पदोन्नति हमेशा विवादों में रही है। मई के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की हार के बावजूद उन्हें फील्ड मार्शल बनाना विपक्ष के लिए चुनौती बन गया है। विपक्ष विशेष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने इस फैसले की आलोचना की है। पीटीआई का कहना है कि मुनीर को इतने व्यापक अधिकार और सुरक्षा देना लोकतंत्र के ढांचे को कमजोर करता है।

हाल ही में पाकिस्तान की संसद ने एक कानून पारित किया है, जिसके तहत आसिम मुनीर आजीवन वर्दी में रहेंगे और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा। इस कानून से मुनीर को अत्यधिक सुरक्षा और अद्वितीय अधिकार मिले हैं, जिससे उनकी पावर और बढ़ गई है।

शहबाज सरकार की मेहरबानी

पाकिस्तान की शहबाज सरकार लगातार मुनीर की पावर बढ़ाने में सक्रिय रही है। यह मेहरबानी ऐसे समय में हुई है जब मुनीर की सेना ने मई के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान का नाम हंसी का पात्र बना दिया था। इसके बावजूद शहबाज सरकार ने उन्हें फील्ड मार्शल बनाने के साथ-साथ CDF पद पर नियुक्त कर उन्हें सैन्य सुरक्षा प्रदान की है।

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