पप्पू यादव ने सिर पर ‘Justice’ पट्टी बांधकर जताया विरोध, छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

Pappu Yadav Protest: सांसद पप्पू यादव ने सिर पर ‘Justice’ पट्टी बांधकर NEET छात्र आंदोलन के समर्थन में विरोध जताया। उन्होंने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और

संसद के मानसून सत्र के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सिर पर ‘जस्टिस’ लिखी पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। सांसद मंगलवार को सिर पर ‘Justice’ (न्याय) लिखी पट्टी बांधकर संसद पहुंचे और केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगा।

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया और प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की आवाज सुनी जानी चाहिए और सरकार को पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

सिर पर ‘Justice’ पट्टी बांधकर संसद पहुंचे पप्पू यादव

मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में पप्पू यादव का यह विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बना। उन्होंने सिर पर सफेद पट्टी बांधी थी, जिस पर अंग्रेजी में ‘Justice’ लिखा हुआ था। यह उनके द्वारा छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर न्याय की मांग को दर्शाने का प्रतीकात्मक तरीका था। सांसद ने कहा कि देश में युवाओं और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों पर कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि छात्रों के साथ इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और सरकार को आंदोलनकारियों की चिंताओं पर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। सांसद ने दावा किया कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और इनका जवाब संसद में दिया जाना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था और छात्र मुद्दों पर उठाए सवाल

पप्पू यादव ने अपने बयान में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के युवा भविष्य की चिंता को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि उनकी समस्याओं को समझे। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रिया और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर पारदर्शिता जरूरी है ताकि युवाओं का भरोसा बना रहे।

अपने बयान के दौरान पप्पू यादव ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी जिक्र किया। उन्होंने कुछ मुद्दों को लेकर सरकार और पूर्व मंत्री पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सम्मान के प्रतीकों का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को सम्मान देने से पहले उसके कार्यों का मूल्यांकन होना चाहिए। हालांकि, उनके इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।

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