Parliament Special Session 2026: परिसीमन और महिला आरक्षण पर सरकार की तैयारी, PM मोदी के लौटने के बाद होगा फैसला

Parliament Special Session 2026: परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार सितंबर में संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। PM मोदी के विदेश दौरे

मोदी सरकार सितंबर के मध्य के बाद संसद का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। इस संभावित सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की तैयारी है। 

नई दिल्ली: सितंबर के मध्य में संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की संभावना को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा और संभावित विधायी कार्रवाई के लिए दो दिवसीय विशेष सत्र के विकल्प पर विचार कर रही है।

हालांकि, विशेष सत्र को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्य एशिया दौरे से लौटने के बाद सरकार के स्तर पर इस मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श होने की संभावना है। संभावित विशेष सत्र से पहले कैबिनेट विस्तार को लेकर भी राजनीतिक स्तर पर चर्चा चल रही है।

कैबिनेट विस्तार से पहले सहयोगी दलों पर नजर

सूत्रों के अनुसार, सरकार विशेष सत्र से पहले कैबिनेट में बदलाव या विस्तार के विकल्प पर भी विचार कर रही है। इसका एक उद्देश्य राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ अपने राजनीतिक समीकरण को और मजबूत करना बताया जा रहा है। सरकार के सामने फिलहाल दो प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बताए जा रहे हैं। 

पहला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच संभावित विलय और दूसरा, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के साथ राजनीतिक समझ बढ़ाने की संभावना। हालांकि, इन मुद्दों पर आधिकारिक रूप से अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं हुई है और बातचीत की स्थिति में बदलाव संभव है।

परिसीमन पर DMK की भूमिका महत्वपूर्ण

परिसीमन के प्रस्ताव को लेकर सरकार और DMK के बीच बातचीत को इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने DMK को राज्यों की लोकसभा सीटों की संख्या में आनुपातिक आधार पर 50 फीसदी तक बढ़ोतरी से संबंधित प्रावधान को संभावित विधेयक के मसौदे में शामिल करने का आश्वासन दिया है।

सरकार के लिए DMK का समर्थन इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा में सांसदों की संख्या विधेयक से जुड़े संभावित बहुमत के समीकरण को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, परिसीमन जैसे संवैधानिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय पर किसी भी विधायी प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति हासिल करना सरकार के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

NCP के दोनों गुटों के विलय पर भी बातचीत

महाराष्ट्र में NCP के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर भी बातचीत जारी होने की खबर है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस संबंध में विभिन्न पक्षों के साथ चर्चा कर रहे हैं। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद इन राजनीतिक वार्ताओं में हुई प्रगति की समीक्षा की जा सकती है। इसके बाद कैबिनेट विस्तार और संसद के संभावित विशेष सत्र को लेकर आगे की रणनीति तय होने की उम्मीद है।

क्या DMK तय करेगी विशेष सत्र की दिशा?

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव पर कुछ राजनीतिक दलों के समर्थन को लेकर आश्वस्त है, लेकिन DMK की स्थिति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि DMK के लोकसभा में 22 और राज्यसभा में 8 सांसद हैं। ऐसे में संभावित संवैधानिक संशोधन या संबंधित विधेयक के लिए आवश्यक व्यापक समर्थन जुटाने में पार्टी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

इसी वजह से DMK के साथ केवल परिसीमन पर ही नहीं, बल्कि NDA में संभावित भागीदारी और केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व जैसे राजनीतिक मुद्दों पर भी बातचीत की चर्चा है। हालांकि, इन संभावनाओं पर संबंधित पक्षों की ओर से अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

महिला आरक्षण भी एजेंडे में हो सकता है

संभावित विशेष सत्र का एक अन्य प्रमुख मुद्दा महिला आरक्षण हो सकता है। सरकार पहले ही संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों पर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जता चुकी है। परिसीमन और महिला आरक्षण का आपस में संबंध होने के कारण दोनों विषयों को एक साथ आगे बढ़ाने की संभावना पर राजनीतिक चर्चा हो रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में परिसीमन की प्रक्रिया के बाद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू किए जाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

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