पेट्रोलियम मंत्रालय ने एलपीजी कमी की अफवाहों को किया खारिज, पूरी क्षमता से उत्पादन कर रही रिफाइनरियां

पेट्रोलियम मंत्रालय ने एलपीजी कमी की अफवाहों को किया खारिज, पूरी क्षमता से उत्पादन कर रही रिफाइनरियां

देश में LPG उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़ाया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति सुनिश्चित की। कमर्शियल सेक्टर में अस्थायी कमी है, लेकिन जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग अवधि बढ़ा दी गई है।

New Delhi: देश में एलपीजी (LPG) की कमी को लेकर चल रही चिंताओं के बीच सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी का उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ गैस का उत्पादन कर रही हैं और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई कमी नहीं है। सरकार ने इस कदम को लेकर आश्वस्त किया कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की नियमित सप्लाई बनी रहेगी।

घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की सप्लाई सुरक्षित

सरकार ने बताया कि देश में रोजाना लगभग 60 लाख एलपीजी सिलेंडर सप्लाई किए जाते हैं। घरेलू गैस की किसी भी तरह की कमी नहीं है और जो भी अस्थायी कमी देखी जा रही है, उसे उद्योग से डाइवर्ट करके पूरा किया जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग की अवधि को पहले 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि घरेलू ग्राहकों को गैस की निरंतरता बनी रहे।

कमर्शियल सेक्टर में अस्थायी कमी

हालांकि, देश के कई हिस्सों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी की शिकायतें आई हैं। दिल्ली में रेस्टॉरेंट और होटलों के संगठन ने बताया कि कई रेस्टॉरेंट और होटलों के पास सिर्फ आज रात तक का ही स्टॉक बचा है। अधिकांश रेस्टॉरेंट और होटल अब सिर्फ 2 दिन तक काम चला सकते हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि यह अस्थायी कमी है और इसे जल्द ही उद्योग से डाइवर्ट करके पूरा किया जाएगा।

भारत ने आयात बढ़ाकर सुधार किया आपूर्ति

सरकार ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से आने वाले रूट के बजाय बाकी रूटों से एलपीजी आयात बढ़ा दिया गया है। पहले इन रूटों से देश की कुल तेल और गैस की 55 प्रतिशत सप्लाई आती थी, जिसे अब बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इस कदम से आपूर्ति में स्थिरता आई है और घरेलू बाजार में कमी की आशंका को कम किया गया है।

एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी का कारण

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में हाल ही में हुई 60 रुपये की बढ़ोतरी मौजूदा हालात की वजह से नहीं, बल्कि पिछले साल की रिकवरी और उत्पादन लागत के आधार पर की गई है। सरकार ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और कीमतों में बढ़ोतरी केवल व्यावसायिक और उत्पादन कारणों से हुई है।

रिफाइनरियों और मंत्रालय के उपाय

देश की सभी रिफाइनरियां अपने पूरे क्षमता के साथ एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कमर्शियल सेक्टर और रेस्टॉरेंट, होटल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए एक रणनीति अपनाई है। इसके तहत जरूरी नॉन-डोमेस्टिक सेक्टर जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को एलपीजी की प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए वितरण और बुकिंग की प्रक्रिया को सुधारा गया है।

Leave a comment