स्विट्जरलैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर नॉकआउट की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। सब्स्टीट्यूट जोहान मन्जांबी ने दो गोल दागे, जबकि बोस्निया को रेड कार्ड मिलने के बाद मैच पूरी तरह स्विस टीम के पक्ष में चला गया।
FIFA WORLD CUP 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ 4-1 की प्रभावशाली जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। लंबे समय तक संघर्षपूर्ण बने रहे इस मुकाबले का परिणाम अंतिम 20 मिनट में पूरी तरह बदल गया, जब युवा मिडफील्डर जोहान मंजांबी ने मैदान पर उतरते ही मैच का रुख स्विट्जरलैंड के पक्ष में मोड़ दिया।
मुकाबला काफी देर तक गोलरहित रहने के बाद अचानक रोमांचक हो गया। स्विट्जरलैंड ने आखिरी चरण में चार गोल दागकर अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया, जबकि बोस्निया-हर्जेगोविना की टीम एक रेड कार्ड के बाद बिखरती नजर आई। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ग्रुप-बी में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया, जबकि बोस्निया अंक तालिका में सबसे नीचे खिसक गया।
सुपर सब बने जोहान मंजांबी
मैच के सबसे बड़े नायक 20 वर्षीय जोहान मंजांबी रहे, जिन्होंने बेंच से उतरने के कुछ ही मिनटों बाद अपनी टीम को बढ़त दिला दी। मंजांबी 72वें मिनट के आसपास मैदान में आए और महज दो मिनट 46 सेकंड बाद ही गोल कर बैठे।
पेनल्टी बॉक्स के अंदर मिले एक नॉकडाउन पर उन्होंने बिना समय गंवाए शानदार वॉली लगाई, जिसे बोस्निया के गोलकीपर निकोला वासिल ने रोकने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे जाल में पहुंच गई। यह मैच में मंजांबी का केवल चौथा टच था, लेकिन वही निर्णायक साबित हुआ। युवा खिलाड़ी के इस गोल ने स्विट्जरलैंड को आत्मविश्वास दिया और इसके बाद टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
रेड कार्ड ने बोस्निया की मुश्किलें बढ़ाईं
मंजांबी के गोल के कुछ ही समय बाद बोस्निया-हर्जेगोविना को बड़ा झटका लगा। डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच ने स्विट्जरलैंड के स्ट्राइकर ब्रेल एम्बोलो को गोल की ओर बढ़ते समय फाउल कर दिया। रेफरी ने इस चुनौती को गंभीर मानते हुए सीधे रेड कार्ड दिखाया। इसके बाद बोस्निया को शेष मुकाबला 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। एक खिलाड़ी कम होने के कारण बोस्निया की रक्षापंक्ति पर दबाव बढ़ गया और स्विट्जरलैंड ने इसका पूरा फायदा उठाया।
रुबेन वर्गास ने बढ़ाई बढ़त
संख्यात्मक बढ़त मिलने के बाद स्विट्जरलैंड ने आक्रमण तेज कर दिया। कुछ ही मिनटों बाद रुबेन वर्गास ने शानदार व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन करते हुए गेंद को निचले कोने में पहुंचाया और स्कोर 2-0 कर दिया।
वर्गास का यह गोल तकनीकी दृष्टि से बेहद शानदार था। उन्होंने पेनल्टी क्षेत्र के बाहर से सटीक कर्लिंग शॉट लगाया, जिसे गोलकीपर छू भी नहीं सके। इस गोल ने लगभग मुकाबले का फैसला कर दिया और बोस्निया की वापसी की उम्मीदें कमजोर पड़ गईं।
मंजांबी ने लगाया दूसरा गोल
90वें मिनट में रुबेन वर्गास एक बार फिर अहम भूमिका में नजर आए। उन्होंने शानदार पास देकर जोहान मंजांबी को गोल करने का आसान मौका दिया।
मंजांबी ने इस अवसर को गंवाया नहीं और नजदीक से गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर मैच में अपना दूसरा गोल दाग दिया। इस गोल के साथ युवा खिलाड़ी रातोंरात टूर्नामेंट के चर्चित नामों में शामिल हो गए। दो गोल करने के बाद मंजांबी भावुक दिखाई दिए और मैच के बाद उन्होंने इसे अपने करियर का अब तक का सबसे यादगार पल बताया।
इंजरी टाइम में ग्रेनिट झाका ने लगाया चौथा गोल
स्विट्जरलैंड का आक्रमण यहीं नहीं रुका। इंजरी टाइम में जिब्रिल सो को बोस्निया के अमार मेमिक ने पेनल्टी बॉक्स में गिरा दिया, जिसके बाद रेफरी ने पेनल्टी का फैसला सुनाया।
अनुभवी कप्तान ग्रेनिट झाका ने पेनल्टी को सफलतापूर्वक गोल में बदलते हुए स्कोर 4-0 कर दिया। यह गोल स्विट्जरलैंड की पूर्ण श्रेष्ठता का प्रतीक था।झाका का शांत और आत्मविश्वास भरा फिनिश टीम के अनुभव और परिपक्वता को दर्शाता है।
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बोस्निया को मिला सांत्वना गोल
मैच पूरी तरह स्विट्जरलैंड के नियंत्रण में था, लेकिन बोस्निया-हर्जेगोविना ने अंत तक संघर्ष जारी रखा। इंजरी टाइम में मिले एक कॉर्नर के बाद एर्मिन माहमिक ने शानदार वॉली लगाकर अपनी टीम के लिए सांत्वना गोल किया।
माहमिक का गोल तकनीकी रूप से बेहतरीन था और दर्शकों ने उसकी खूब सराहना की। हालांकि यह गोल केवल हार का अंतर कम कर सका और परिणाम पर कोई असर नहीं डाल पाया।
मंजांबी ने कहा- करियर का सबसे बड़ा पल
मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जोहान मंजांबी ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह उनके करियर का अब तक का सबसे शानदार क्षण है। युवा खिलाड़ी ने कहा कि टीम को पता था कि शुरुआत अच्छी नहीं रही थी, लेकिन खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा। उनके अनुसार, स्विट्जरलैंड एक मजबूत टीम है और इस मुकाबले में उसने अपनी गुणवत्ता साबित कर दी। मंजांबी का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि स्विट्जरलैंड के पास भविष्य के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मजबूत फौज मौजूद है।
शुरुआती दौर में संघर्ष करती रही स्विस टीम
अंतिम स्कोरलाइन भले ही एकतरफा दिखाई देती हो, लेकिन मैच के पहले 70 मिनट काफी संतुलित रहे। स्विट्जरलैंड ने शुरुआती चरण में बाएं विंग से कई हमले किए, क्योंकि बोस्निया की रक्षात्मक संरचना अपेक्षाकृत संकरी थी।
डैन नडोए ने कई मौके बनाए, लेकिन वह उन्हें गोल में बदलने में सफल नहीं रहे। पहले हाफ में उनका एक प्रयास साइड नेटिंग में चला गया, जबकि एक अन्य मौके पर वे गेंद से सही संपर्क नहीं बना सके। दूसरे हाफ में नडोए की शानदार बाइसिकल किक को गोलकीपर ने बेहतरीन बचाव करते हुए बार के ऊपर भेज दिया। इसके बाद उन्हें बदलकर मैदान से बाहर बुलाया गया और उनकी जगह मंजांबी को उतारा गया। यही बदलाव मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
एडिन जेको की वापसी भी नहीं दिला सकी जीत
बोस्निया के अनुभवी स्ट्राइकर एडिन जेको ने अपने दूसरे विश्व कप में पहली बार मैदान पर कदम रखा। अनुभवी फॉरवर्ड ने आक्रमण में कई अच्छे मूव बनाए और टीम के लिए सबसे बड़ा खतरा बने रहे।
हालांकि स्विट्जरलैंड की संगठित रक्षापंक्ति के सामने वे गोल करने में सफल नहीं हो सके। 64वें मिनट में उन्हें मैदान से बाहर बुला लिया गया। जेको के बाहर जाने के बाद बोस्निया का आक्रमण कमजोर पड़ गया और टीम अंतिम चरण में दबाव झेल नहीं सकी।
ग्रुप-बी की स्थिति
इस जीत के बाद स्विट्जरलैंड चार अंकों के साथ ग्रुप-बी में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। टीम का गोल अंतर भी मजबूत हुआ है, जिससे नॉकआउट चरण में पहुंचने की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं।
दूसरी ओर बोस्निया-हर्जेगोविना केवल एक अंक के साथ समूह में अंतिम स्थान पर है। टीम का गोल अंतर माइनस तीन हो चुका है, जिससे आगे का सफर और चुनौतीपूर्ण बन गया है।
ग्रुप चरण के शेष मुकाबले अब दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, लेकिन फिलहाल स्विट्जरलैंड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इस विश्व कप में केवल भाग लेने नहीं, बल्कि गहरी चुनौती पेश करने के इरादे से उतरा है।









