फिनलैंड से कमाई और भारत में बंपर वैल्यू, जानिए रुपये में कितना फायदा

फिनलैंड से कमाई और भारत में बंपर वैल्यू, जानिए रुपये में कितना फायदा

यूरो के मुकाबले रुपये की मौजूदा कमजोरी ने विदेश में काम करने वाले भारतीयों और फ्रीलांसरों की असली कमाई बढ़ा दी है. फिलहाल 1 यूरो 104.72 रुपये के आसपास है, जिससे 100 यूरो की कीमत भारत में 10,472 रुपये तक पहुंच गई है. इससे रेमिटेंस भेजने वालों को सीधा फायदा मिल रहा है.

Euro to INR Rate: फिनलैंड और यूरोप के अन्य देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए करेंसी रेट इस समय खासा फायदेमंद बना हुआ है. भारत में आज 1 यूरो की कीमत करीब 104.72 रुपये दर्ज की जा रही है. इसका मतलब है कि फिनलैंड से 100 यूरो भेजने पर भारत में लगभग 10,472 रुपये मिलते हैं. यह बदलाव विदेश में नौकरी करने वालों, रेमिटेंस भेजने वालों और रिमोट वर्क करने वाले युवाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है, क्योंकि बिना सैलरी बढ़ोतरी के उनकी रुपये में कमाई अपने आप बढ़ गई है.

100 यूरो की भारत में कितनी होती है कीमत

फिलहाल करेंसी मार्केट में 1 यूरो की कीमत करीब 104.72 रुपये चल रही है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति फिनलैंड में काम करके 100 यूरो कमाता है, तो भारत में उसके परिवार को करीब 10,472 रुपये मिलते हैं. यह अंतर विदेशी नौकरी करने वालों के लिए उनकी कमाई का असली महत्व दिखाता है.

यूरो की मजबूती का सबसे बड़ा फायदा उन भारतीयों को होता है जो हर महीने पैसे भारत भेजते हैं. बिना सैलरी बढ़े ही उन्हें रुपये में ज्यादा रकम मिल जाती है, जिससे घरेलू जरूरतें आसानी से पूरी हो पाती हैं.

विदेश में नौकरी करने वालों की बढ़ती असली कमाई

यूरोप जैसे देशों में काम करने वाले भारतीयों की सैलरी यूरो में होती है. जब रुपया कमजोर और यूरो मजबूत होता है, तो भारत में उनकी कमाई अपने आप बढ़ जाती है. यही कारण है कि रेमिटेंस भेजने वालों के लिए मौजूदा दौर काफी फायदेमंद माना जा रहा है.

इसका सीधा असर परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है. बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च, लोन की किस्त या भविष्य की सेविंग सभी काम पहले से बेहतर तरीके से मैनेज हो पाते हैं. खास बात यह है कि यह फायदा बिना प्रमोशन या सैलरी बढ़ोतरी के मिल रहा है.

फ्रीलांसर और रिमोट वर्क करने वालों को भी लाभ

सिर्फ विदेश में नौकरी करने वाले ही नहीं, बल्कि भारत में बैठकर यूरो में कमाने वाले फ्रीलांसर और रिमोट वर्कर्स को भी इस करेंसी रेट से बड़ा फायदा मिल रहा है. आईटी, ग्राफिक डिजाइन, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े युवा इसका सीधा लाभ उठा रहे हैं.

अगर कोई फ्रीलांसर फिनलैंड के क्लाइंट से 500 यूरो कमाता है, तो भारत में उसे करीब 52,360 रुपये मिलते हैं. यानी काम वही, मेहनत वही, लेकिन रुपये में कमाई कहीं ज्यादा. यही वजह है कि आजकल यूरोप-बेस्ड क्लाइंट के साथ काम करना युवाओं के लिए ज्यादा आकर्षक बनता जा रहा है.

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