ISRO Yuvika 2026: आवेदन 27 फरवरी से शुरू, जानें पूरी डिटेल

ISRO Yuvika 2026 आवेदन 27 फरवरी से शुरू, 31 मार्च तक खुला। छात्र STEM आधारित अंतरिक्ष विज्ञान प्रोग्राम में दो सप्ताह का आवासीय सत्र पाएंगे।

ISRO ने Yuvika 2026 कार्यक्रम के लिए आवेदन की घोषणा की। आवेदन 27 फरवरी से शुरू होकर 31 मार्च तक खुलेंगे। चयनित छात्रों को दो सप्ताह का आवासीय STEM सत्र मिलेगा, जिसमें अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी का व्यावहारिक अनुभव शामिल होगा।

ISRO Yuvika 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने यंग साइंटिस्ट प्रोग्राम Yuvika 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाना है। ISRO की वेबसाइट के अनुसार आवेदन 27 फरवरी 2026 से शुरू होंगे और अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 है।

यह प्रोग्राम छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के बुनियादी ज्ञान से अवगत कराएगा। युविका कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्र दो सप्ताह के आवासीय सत्र में भाग लेंगे, जिसमें उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) आधारित गतिविधियों और रिसर्च के अवसर मिलेंगे।

ISRO Yuvika 2026 के लिए महत्वपूर्ण डेट्स

युविका कार्यक्रम की घोषणा 20 फरवरी 2026 को की गई थी। आवेदन प्रक्रिया 27 फरवरी से शुरू होगी और छात्र 31 मार्च 2026 तक फॉर्म भर सकेंगे। चयन सूची का पहला प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को होगा। यदि सीटें रिक्त रहें, तो दूसरी चयन सूची 20 अप्रैल 2026 को जारी की जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन 11 से 22 मई 2026 तक किया जाएगा।

इस समयावधि में चयनित छात्रों को ISRO के निर्देशानुसार दो सप्ताह के लिए आवासीय सत्र में शामिल होना होगा। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में पहला अनुभव होगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य

ISRO की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, युविका कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक से परिचित कराना है। यह कार्यक्रम स्कूली बच्चों को उनके कैरियर की दिशा में STEM आधारित रिसर्च और नवाचार के लिए प्रेरित करता है।

युविका का फोकस विशेष रूप से उन छात्रों पर है जो 8वीं पास हैं और 1 जनवरी 2026 को 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। इस कार्यक्रम से छात्र न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण सीखेंगे बल्कि टीम वर्क और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के अनुभव भी प्राप्त करेंगे।

ISRO का यह प्रयास छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को प्रयोग, क्विज और प्रोजेक्ट वर्क में भाग लेने के अवसर मिलेंगे।

योग्यता

इस कार्यक्रम में आवेदन करने के लिए छात्र 1 जनवरी 2026 को कक्षा 9 में अध्ययनरत होना चाहिए। आवेदन करने वाले छात्र का चयन उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा।

छात्रों के चयन में 8वीं कक्षा में प्राप्त अंकों का 50 अंकों का वेटेज, क्विज के लिए 10 अंक और पिछले तीन वर्षों में विज्ञान प्रदर्शनियों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी के लिए 2 से 20 अंकों का वेटेज दिया जाएगा। यह चयन प्रक्रिया छात्रों के प्रदर्शन और उनकी रुचियों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष रूप से की जाती है।

आवेदन कैसे करें

ISRO Yuvika 2026 के लिए आवेदन करने के लिए छात्रों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jigyasa.iirs.gov.in/yuvika/# पर जाना होगा। यहां जाकर “Apply for Yuvika Registration” लिंक पर क्लिक करना होगा।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में छात्रों को मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी। इसके बाद लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके आवेदन फॉर्म पूरा करना होगा। आवेदन के अंत में सभी विवरण सही होने के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा और उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखना चाहिए।

आवेदन के दौरान छात्रों को सुनिश्चित करना होगा कि सभी जानकारी सही और पूर्ण हो। गलत जानकारी देने पर चयन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

चयन प्रक्रिया

आवेदन पूरा करने के बाद छात्रों का चयन उनके अकादमिक रिकॉर्ड, क्विज प्रदर्शन और विज्ञान प्रदर्शनियों में भागीदारी के आधार पर किया जाएगा। यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। चयनित छात्रों की सूची ISRO द्वारा प्रकाशित की जाएगी।

पहली चयन सूची 13 अप्रैल 2026 को जारी होगी और यदि सीटें रिक्त रहें तो दूसरी सूची 20 अप्रैल 2026 को प्रकाशित होगी। छात्र अपनी चयन स्थिति आधिकारिक वेबसाइट पर चेक कर सकेंगे।

कार्यक्रम में क्या मिलेगा

युविका कार्यक्रम में शामिल छात्र दो सप्ताह तक ISRO के निर्देशित आवासीय सत्र में भाग लेंगे। इस दौरान उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुप्रयोगों पर व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान के सिद्धांत, प्रयोगशाला कार्य, क्विज और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग का अनुभव मिलेगा। यह कार्यक्रम छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान कौशल और टीम वर्क की क्षमता विकसित करने में मदद करेगा।

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