ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ पर Neal Katyal ने जताई आपत्ति, संसद के अधिकार का दिया हवाला

भारतीय-अमेरिकी वकील Neal Katyal ने ट्रंप के 15% ग्लोबल टैरिफ पर आपत्ति जताई। कहा, टैक्स का अधिकार संसद के पास है, राष्ट्रपति इसका एकतरफा निर्णय नहीं ले सकते।

भारतीय-अमेरिकी वकील Neal Katyal ने ट्रंप के 15% ग्लोबल टैरिफ को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि टैक्स लगाने का अधिकार केवल अमेरिकी संसद के पास है और राष्ट्रपति इसे अपने फैसले से लागू नहीं कर सकते।

Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ (Global Tariff) को लेकर भारतीय-अमेरिकी वकील नील कत्याल (Neal Katyal) ने कड़ा ऐतराज जताया है। कत्याल का कहना है कि टैक्स लगाने का अधिकार अमेरिकी संसद के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। उनका यह भी कहना है कि ट्रंप का यह कदम न केवल अमेरिकी संविधान का उल्लंघन है, बल्कि इससे भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर भी गंभीर असर पड़ेगा।

नील कत्याल ने कहा कि अगर ट्रंप चाहते हैं कि वैश्विक टैक्स लगे, तो उन्हें अमेरिकी संसद के माध्यम से ही इसे लागू करना चाहिए। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति अपनी मर्जी से टैक्स थोप नहीं सकते। कत्याल का कहना है, "हमारे संविधान का तरीका यही है कि टैक्स लगाने का अधिकार केवल संसद के पास है। राष्ट्रपति के पास इस तरह का अधिकार नहीं है।"

कानूनी विवाद: ट्रंप के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट की रुख

हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप के पुराने टैरिफ फैसलों को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी संविधान के अनुसार, टैक्स लगाने का मुख्य अधिकार कांग्रेस के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। इसके बावजूद ट्रंप ने 'सेक्शन 122' का हवाला देते हुए 15 प्रतिशत का नया ग्लोबल टैरिफ घोषित कर दिया।

ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ पर Neal Katyal ने जताई आपत्ति, संसद के अधिकार का दिया हवाला

नील कत्याल ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रंप खुद अपने फैसले को सही ठहराने के लिए कोर्ट के फैसले को एंटी-अमेरिकन बता रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सरकार के अपने न्याय विभाग ने पहले अदालत में इस टैरिफ के खिलाफ दलील दी थी। कत्याल ने कहा, "अगर ट्रंप का यह आइडिया इतना ही अच्छा है, तो उन्हें संसद को मनाने में कोई डर नहीं होना चाहिए। संविधान का यही तरीका है।"

भारत पर पड़ सकता है सीधा असर

ट्रंप के 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ से भारत पर भी असर पड़ेगा। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, भारत जैसे देश इस नए टैरिफ के दायरे में आएंगे। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत और अमेरिका व्यापार को लेकर समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारतीय निर्यातकों की लागत बढ़ सकती है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। भारतीय उद्योग और निर्यात क्षेत्र इस फैसले से चिंतित हैं क्योंकि अमेरिकी बाजार भारतीय उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण है।

कौन हैं Neal Katyal

नील कत्याल अमेरिकी कानून और संविधान के विशेषज्ञ वकील माने जाते हैं। उनका जन्म शिकागो में हुआ था, उनके माता-पिता भारतीय हैं। पिता डॉक्टर और माता इंजीनियर हैं। कत्याल ने येल लॉ स्कूल से पढ़ाई की और राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में 'एक्टिंग सॉलिसिटर जनरल' के रूप में काम किया।

उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 50 से अधिक मामले लड़े हैं और ट्रंप के कई विवादास्पद फैसलों को चुनौती देने के लिए जाने जाते हैं, जैसे कि 2017 का ट्रैवल बैन। वर्तमान में वे जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और संवैधानिक मामलों में विशेषज्ञ माने जाते हैं।

Leave a comment