पिथौरागढ़ में भारी बारिश से हालात बिगड़े, चीन सीमा का संपर्क कटा; 11 सड़कें भूस्खलन से बंद

पिथौरागढ़ में भारी बारिश से काली नदी का जलस्तर बढ़ा और भूस्खलन से चीन सीमा को जोड़ने वाले मार्ग समेत 11 सड़कें बंद हो गईं।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में लगातार भारी बारिश से काली नदी समेत कई नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन के कारण चीन सीमा को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग सहित 11 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई इलाकों की आवाजाही प्रभावित हुई।

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। काली नदी का जलस्तर 888.30 मीटर से ऊपर पहुंच गया है, जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा आने पर चीन सीमा को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग समेत 11 सड़कें बंद हो गई हैं और कई क्षेत्रों का संपर्क बाधित हुआ है।

काली नदी का जलस्तर बढ़ा, तटीय इलाकों में दहशत

पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही वर्षा के कारण काली नदी सहित जिले की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। काली नदी का जलस्तर 888.30 मीटर के पार पहुंच गया है।

नदी का पानी बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि लगातार बारिश के बीच जलस्तर में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बंगापानी में सबसे अधिक 82 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धारचूला में 43 मिलीमीटर और तेजम में 35 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। जिले की अन्य तहसीलों में भी रुक-रुककर बारिश जारी है।

भूस्खलन से चीन सीमा को जोड़ने वाले मार्ग बंद

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाले मार्ग भी मलबे की चपेट में आए हैं।

टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग कूलागाड़ के पास मलबा आने के कारण बाधित है। वहीं तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर मलघाट के पास मलबा आने से आवाजाही रुक गई है। मुनस्यारी-मिलम मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हो गया है।

इन प्रमुख मार्गों के अलावा जिले की 11 अन्य ग्रामीण और आंतरिक सड़कें भी अवरुद्ध हैं। सड़कों के बंद होने से कई गांवों की आवाजाही प्रभावित हुई है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कैलास मानसरोवर यात्रा पर भी बारिश का असर

खराब मौसम के बीच कैलास मानसरोवर यात्रा जारी है। यात्रा के नौवें दल ने गुंजी से आदि कैलास के दर्शन के लिए प्रस्थान किया। दर्शन के बाद दल के नाबीढांग पहुंचने और वहीं रात्रि विश्राम करने की योजना है।

वहीं आठवां दल तिब्बत क्षेत्र में कैलास पर्वत की परिक्रमा कर रहा है। सातवां दल मानसरोवर की परिक्रमा पूरी करने के बाद तिब्बत के छूगू पहुंचेगा और इसके बाद सोमवार तकलाकोट जाने की योजना है।

लगातार बारिश और भूस्खलन के बीच यात्रा मार्गों पर सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता जरूरी है। सड़कें बंद होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।

पिथौरागढ़ में बारिश का दौर जारी रहने से प्रशासन के सामने सड़क संपर्क बहाल करने के साथ-साथ नदी किनारे बसे इलाकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती बनी हुई है। भूस्खलन प्रभावित मार्गों पर मलबा हटाने और यातायात सामान्य करने का काम मौसम की स्थिति के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।

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