PM मोदी का भूटान दौरा: जलविद्युत परियोजना और विकास सहयोग पर बनी सहमति

PM मोदी का भूटान दौरा: जलविद्युत परियोजना और विकास सहयोग पर बनी सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान का अपना दो दिवसीय दौरा पूरा कर भारत के लिए वापसी की उड़ान भरी। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री शेरिंग तोग्बे ने थिम्फू एयरपोर्ट पर उन्हें विदाई दी। 

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान दौरे पर हैं और बुधवार को उनके दौरे का दूसरा दिन था। इस दिन पीएम मोदी ने भूटान के चौथे राजा द्रुक ग्यालपो जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के साथ द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें दोनों देशों के बीच साझेदारी और सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने थिम्फू में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ मिलकर ‘कालचक्र अभिषेक’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया।

द्विपक्षीय बैठक और रणनीतिक साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दूसरे दिन भूटान के चौथे राजा द्रुक ग्यालपो जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के साथ द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने इस अवसर पर साझा किया कि गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना की प्रगति सराहनीय है, जो भारत की Act East नीति के अनुरूप है।

भूटान के राजा ने भी इस अवसर पर दिल्ली विस्फोट में मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत सरकार ने भूटान की इस सहानुभूति और एकजुटता की सराहना की।

पुनात्सांगछू-2 जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन

पीएम मोदी और भूटान के राजा ने मंगलवार को 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-2 जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया। भूटान सरकार ने कहा कि यह परियोजना दोनों देशों के बीच दोस्ती और ऊर्जा सहयोग का प्रतीक है। परियोजना के तहत भारत को भूटान से बिजली निर्यात की शुरुआत की गई। इसके अलावा, भारत और भूटान ने 1200 मेगावाट की पुनात्सांगछू-I परियोजना के मुख्य बांध निर्माण को फिर से शुरू करने पर सहमति बनाई है। पूरा होने पर यह दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से विकसित सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के प्रति भारत के समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि भारत भूटान को उसकी मुख्य विकास प्राथमिकताओं को हासिल करने और सतत विकास के सभी क्षेत्रों में मदद करने के लिए सक्रिय रूप से सहयोग करेगा। इसके अलावा, दोनों देशों ने आर्थिक प्रोत्साहन कार्यक्रमों और सतत विकास पहलों पर भी व्यापक चर्चा की।

पीएम मोदी ने भूटान में आयोजित ‘कालचक्र अभिषेक’ (Kalachakra Abhishek) कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया। यह तिब्बती बौद्ध परंपरा का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें विश्व शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थनाएं की जाती हैं। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी की उपस्थिति से भारत-भूटान के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को भी मजबूती मिली।

 

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