पीएम मोदी ने ईद मिलाद-उन-नबी और ओणम पर दी शुभकामनाएं, एकता और समृद्धि का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद मिलाद-उन-नबी और ओणम की देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने इस अवसर पर एकता, खुशहाली और समृद्धि का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ईद मिलाद-उन-नबी और ओणम के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ईद मिलाद-उन-नबी की बधाई देते हुए कहा, “ईद मुबारक! मिलाद-उन-नबी की बधाई।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ईद मिलाद-उन-नबी और ओणम के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने दोनों त्योहारों के माध्यम से समाज में एकता, खुशहाली, करुणा और समृद्धि की भावना मजबूत होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अलग-अलग संदेशों के जरिए दोनों त्योहारों की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर दया और समाज के प्रति योगदान की भावना को जीवन का मार्गदर्शक बनाने की अपील की।

पीएम मोदी ने दी ईद मिलाद-उन-नबी की बधाई

ईद मिलाद-उन-नबी इस्लामी परंपरा में पैगंबर मुहम्मद के जन्म की स्मृति से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन मुस्लिम समुदाय धार्मिक आयोजनों, प्रार्थनाओं और सामाजिक गतिविधियों के जरिए पर्व मनाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया में इस अवसर को मनाने वाले लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि यह पर्व समाज में एकता और खुशियां बढ़ाएगा। उन्होंने करुणा और समाज के प्रति सेवा की भावना को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।

पीएम मोदी का संदेश ऐसे समय आया है जब देशभर में अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों के जरिए सामाजिक सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया जाता है।

ओणम पर भी प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के प्रमुख सांस्कृतिक और फसल उत्सव ओणम पर भी देशवासियों को बधाई दी। ओणम केरल की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख त्योहार है, जिसे पारंपरिक रूप से करीब 10 दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है। ओणम के अवसर पर लोग घरों को सजाते हैं, पारंपरिक व्यंजन तैयार करते हैं और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। इस पर्व का संबंध समृद्धि, कृषि और सामुदायिक उत्सव की परंपराओं से भी जोड़ा जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में ओणम को खुशी, एकजुटता और समृद्धि की भावना को मजबूत करने वाला त्योहार बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पर्व लोगों के जीवन में खुशियां लेकर आए और समाज में आपसी सहयोग की भावना को और मजबूत करे।

दुनिया के कई हिस्सों में मनाया जाता है ओणम

ओणम की लोकप्रियता केवल केरल तक सीमित नहीं है। भारत के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों में रहने वाले मलयाली समुदाय भी इस पर्व को उत्साह के साथ मनाते हैं। प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच ओणम सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जुड़े रहने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।ओणम के दौरान होने वाले पारंपरिक आयोजन, फूलों से बनाई जाने वाली पुक्कलम सजावट, सामूहिक भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम इसे विशिष्ट बनाते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में इसी व्यापक उत्सव भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह त्योहार दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

एकता और सामाजिक सद्भाव पर जोर

ईद मिलाद-उन-नबी और ओणम के लिए प्रधानमंत्री के संदेशों में एक समान बात नजर आई—एकता, खुशहाली और सामाजिक सद्भाव। दोनों त्योहार अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े हैं, लेकिन इनके अवसर पर परिवार और समुदाय के साथ मिलकर उत्सव मनाने की परंपरा लोगों को जोड़ती है।

प्रधानमंत्री ने ईद मिलाद-उन-नबी के संदर्भ में दया और समाज के प्रति योगदान को महत्व दिया, जबकि ओणम के लिए खुशी, एकजुटता और समृद्धि की कामना की।

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