PM Modi Malaysia: मलेशिया से पीएम मोदी का पाकिस्तान को सख्त संदेश, आतंकवाद पर भारत का नो कंप्रोमाइज रुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया से आतंकवाद पर भारत का नो कंप्रोमाइज रुख दोहराया। बिना पाकिस्तान का नाम लिए आतंक को पनाह देने वालों को सख्त संदेश दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया से आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख दोहराया। बिना पाकिस्तान का नाम लिए उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं होगा और डबल स्टैंडर्ड स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

PM Modi in Malaysia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया की धरती से आतंकवाद को लेकर भारत की नीति को एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवाद से जुड़े मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवालों के घेरे में है।

आतंकवाद पर भारत का नो कंप्रोमाइज स्टैंड

कुआलालंपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद पर कोई डबल स्टैंडर्ड स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत अपनी सुरक्षा और नागरिकों की जान से जुड़े मुद्दों पर किसी तरह का समझौता नहीं करता। उनका यह संदेश सीधे तौर पर उन देशों के लिए था, जो आतंकवाद को पनाह देते हैं और फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मासूम बनने की कोशिश करते हैं।

पाकिस्तान को संकेतों में दिया गया जवाब

प्रधानमंत्री मोदी ने भले ही अपने भाषण में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा पूरी तरह स्पष्ट था। उन्होंने जिस तरह आतंकवाद पर भारत की नीति की बात की, उससे यह साफ हो गया कि भारत अब सिर्फ बयानबाजी नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई में विश्वास रखता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जो कदम उठाए हैं, उन्होंने इस नीति को जमीन पर भी साबित किया है।

सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत आतंकवाद के खिलाफ कई बार कड़ा रुख अपना चुका है। बीते 12 वर्षों में भारत ने पाकिस्तान के अंदर आतंकियों के ठिकानों पर तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक की है। मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों और 11 सैन्य अड्डों को निशाना बनाया था। इस कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया था कि भारत अब आतंकवाद को उसकी ही भाषा में जवाब देगा।

मलेशिया दौरे का रणनीतिक महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह मलेशिया दौरा सिर्फ राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं था। यह दौरा रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। दो दिन के इस दौरे में भारत और मलेशिया ने कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हुए हैं।

भारत और मलेशिया के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लेकर कई अहम सहमतियां बनी हैं। दोनों देशों ने आतंकवाद विरोधी सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बदलते वैश्विक हालात में सुरक्षा सहयोग पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।

सेमीकंडक्टर और व्यापार में सहयोग

इस दौरे के दौरान भारत और मलेशिया ने सेमीकंडक्टर, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने का फैसला किया। सेमीकंडक्टर को भविष्य की तकनीक की रीढ़ माना जा रहा है और इस क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया मिलकर नई तकनीकों में आगे बढ़ेंगे।

विशेष संबंधों पर जोर

बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच विशेष संबंध हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश समुद्री पड़ोसी हैं और सदियों से लोगों के बीच गहरे सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्ते रहे हैं। यह रिश्ता सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव का भी है।

भव्य स्वागत ने दिया मजबूत संदेश

प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम खुद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत करने पहुंचे। रेड कारपेट रिसेप्शन और औपचारिक कार्यक्रमों ने यह दिखा दिया कि मलेशिया भारत को कितना अहम साझेदार मानता है।

भारतीय मूल की आबादी का उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है, जहां भारतीय मूल की आबादी रहती है। उन्होंने कहा कि साझा सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक मूल्य और सभ्यताएं भारत और मलेशिया को एक-दूसरे से जोड़ती हैं। यह जुड़ाव दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाता है।

खुफिया सहयोग को मिलेगी नई ताकत

भारत और मलेशिया ने खुफिया जानकारी साझा करने को लेकर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने के लिए यह सहयोग बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करेंगे।

डिजिटल टेक्नोलॉजी में साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकियों में सहयोग को आगे बढ़ाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया सेमीकंडक्टर, हेल्थ सेक्टर और फूड सिक्योरिटी जैसे अहम क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। यह साझेदारी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर की जा रही है।

हिंद प्रशांत क्षेत्र पर भारत का विजन

प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद प्रशांत क्षेत्र को दुनिया का विकास इंजन बताया। उन्होंने कहा कि भारत ASEAN देशों के साथ मिलकर इस पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशिया इस विजन में भारत का अहम साझेदार है।

मलेशियाई प्रधानमंत्री का बयान

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी भारत की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने वैश्विक व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर शानदार प्रगति की है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और रक्षा में सहयोग को और विस्तार देंगे।

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