पंजाब में Bhagwant Mann की सरकार को लेकर राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। रिपोर्ट्स और सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में राज्यसभा सांसदों की कथित बगावत के बाद Aam Aadmi Party नेतृत्व राज्य में अपनी स्थिति को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार में संभावित राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी राज्य विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) ला सकती है ताकि सरकार की स्थिरता को औपचारिक रूप से मजबूत किया जा सके।
यह कदम ऐसे समय में सामने आ रहा है जब हाल ही में राज्यसभा सांसदों के कथित दल-बदल और राजनीतिक उठापटक की खबरों ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है। इसके बाद यह आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ विधायकों के पाला बदलने की स्थिति बन सकती है, जिससे सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
1 मई को विशेष विधानसभा सत्र

पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र 1 मई को बुलाया गया है। यह सत्र अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर आयोजित किया जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी सत्र में सरकार विश्वास प्रस्ताव पेश कर सकती है। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो सरकार को अगले छह महीनों के लिए बहुमत का औपचारिक समर्थन मिल जाएगा, जिससे उसकी स्थिति संवैधानिक रूप से मजबूत हो जाएगी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी को डर है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा कथित “ऑपरेशन लोटस” के जरिए विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा सकती है। इसी आशंका को देखते हुए सरकार यह रणनीतिक कदम उठा रही है। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 92 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, लेकिन हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पार्टी नेतृत्व सतर्क हो गया है।
कैबिनेट बैठक से पहले अहम रणनीति
विशेष सत्र से पहले सुबह 9:30 बजे पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक भी बुलाई गई है। इस बैठक में विश्वास प्रस्ताव की रणनीति, विधायकों की स्थिति और आगामी राजनीतिक कदमों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि सरकार इस बैठक में सभी संभावित राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन करेगी और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि विधानसभा सत्र में कोई भी अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न न हो।
यह पहली बार नहीं है जब पंजाब सरकार ने अपनी ताकत दिखाने के लिए ऐसा कदम उठाया हो। अक्टूबर 2022 में भी भगवंत मान सरकार ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया था। उस समय भी पार्टी ने आरोप लगाया था कि विपक्ष द्वारा विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उस समय सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया था, जिससे उसकी स्थिति मजबूत बनी रही।










