कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो XIV के फेफड़े में मिली गांठ को सर्जरी के जरिए सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। वेटिकन के अनुसार, मंगलवार को रोम के जेमेली यूनिवर्सिटी अस्पताल में उनका ऑपरेशन तय योजना के मुताबिक पूरा हुआ।
World News: कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV की फेफड़े में मिली गांठ को हटाने के लिए की गई सर्जरी सफल रही है। वेटिकन के अनुसार, रोम स्थित जेमेली यूनिवर्सिटी अस्पताल में मंगलवार को उनका ऑपरेशन निर्धारित योजना के अनुसार पूरा किया गया। 71 वर्षीय पोप फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
सर्जरी के बाद उन्हें आराम देने के लिए 20 अक्टूबर तक के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। हालांकि, वेटिकन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि फेफड़े में मिली गांठ कैंसरयुक्त थी या नहीं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर आगे की चिकित्सकीय जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
नियमित जांच के दौरान फेफड़े में मिली थी गांठ
पोप लियो XIV ने रविवार को अपनी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी देते हुए बताया था कि नियमित चिकित्सकीय जांच के दौरान उनके फेफड़े में एक गांठ का पता चला। इसके बाद डॉक्टरों ने इसे हटाने के लिए सर्जरी कराने की सलाह दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गांठ का पता शुरुआती चरण में ही चल गया था और यह फेफड़े के एक सीमित हिस्से में मौजूद थी।
समय पर बीमारी या असामान्य ऊतक का पता चलना उपचार की योजना बनाने में मददगार हो सकता है। हालांकि, केवल गांठ के शुरुआती चरण में मिलने से उसकी प्रकृति की पुष्टि नहीं होती। यह जानने के लिए कि उसमें कैंसर की कोशिकाएं मौजूद थीं या नहीं, चिकित्सकीय जांच और संबंधित रिपोर्टों की जानकारी आवश्यक है। फिलहाल वेटिकन की ओर से गांठ की प्रकृति, ऑपरेशन के विस्तृत निष्कर्ष और आगे के उपचार को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
रोम के जेमेली अस्पताल में हुआ ऑपरेशन

पोप लियो XIV का ऑपरेशन रोम के जेमेली यूनिवर्सिटी अस्पताल में किया गया। वेटिकन ने बताया कि प्रक्रिया योजना के अनुसार पूरी हुई और पोप सर्जरी के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। फेफड़े में मौजूद गांठ को हटाने के लिए मरीज की स्थिति, गांठ के आकार और उसके स्थान के आधार पर अलग-अलग सर्जिकल तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ मामलों में कम चीर-फाड़ वाली तकनीक अपनाई जाती है, जबकि अन्य परिस्थितियों में अलग प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, फेफड़े की ऐसी सर्जरी के बाद मरीजों को कुछ दिनों तक अस्पताल में निगरानी में रखा जा सकता है। इसके बाद उनकी स्थिति के अनुसार घर पर स्वास्थ्य लाभ की अनुमति दी जाती है। हालांकि, पोप के मामले में इस्तेमाल की गई सर्जिकल तकनीक और अस्पताल में रहने की निश्चित अवधि की विस्तृत पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
20 अक्टूबर तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहेंगे पोप
सर्जरी के बाद पोप लियो XIV के स्वास्थ्य और आराम को प्राथमिकता देते हुए 20 अक्टूबर तक उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। वेटिकन के प्रवक्ता के अनुसार, उन्हें ऑपरेशन के बाद लगभग एक सप्ताह आराम की आवश्यकता पड़ सकती है। इस अवधि में वेटिकन का नियमित प्रशासनिक कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा। हालांकि, जिन मामलों में पोप के हस्ताक्षर या उनकी व्यक्तिगत स्वीकृति आवश्यक होगी, उन पर उनके स्वस्थ होने तक निर्णय टाला जा सकता है।
पोप का सार्वजनिक कार्यक्रमों से अस्थायी रूप से दूर रहना उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए उठाया गया कदम है। आगे की गतिविधियां उनकी चिकित्सकीय स्थिति और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर तय की जा सकती हैं।
कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन ने जल्द स्वस्थ होने की कामना की
वेटिकन के विदेश मंत्री कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन ने पोप के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने गांठ का समय रहते पता चलने को राहत देने वाला पहलू बताया। शुरुआती पहचान के बाद उचित चिकित्सकीय जांच और समय पर उपचार से डॉक्टरों को स्थिति का आकलन करने तथा इलाज की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
पोप लियो XIV सोमवार तक अपने नियमित कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे थे। वह सक्रिय जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं और टेनिस खेलने तथा तैराकी जैसी गतिविधियों में भी उनकी रुचि रही है। हालांकि, सर्जरी के बाद उनकी सामान्य दिनचर्या में वापसी कब होगी, इसे लेकर अभी कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है।










