परिवार के कड़े विरोध के बावजूद शिमला से मुंबई एक्ट्रेस बनने का सपना लेकर आईं प्रतिभा रांटा ने टीवी और ओटीटी के बाद फिल्म ‘लापता लेडीज’ के जरिए देश-विदेश में पहचान बनाई।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: टीवी से लेकर ओटीटी और फिर फिल्म ‘लापता लेडीज’ तक अपने अभिनय से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री प्रतिभा रांटा इन दिनों अपनी आगामी वेब सीरीज ‘रेवल्यूशनरीज’ को लेकर चर्चा में हैं। निखिल आडवाणी के निर्देशन में बनी यह सीरीज 1857 के राष्ट्रीय आंदोलन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें प्रतिभा एक युवा क्रांतिकारी का किरदार निभाती नजर आएंगी। अभिनेत्री ने अपने करियर, परिवार के विरोध के बावजूद मुंबई आने के फैसले और महिला सशक्तिकरण को लेकर खुलकर बात की।
परिवार में किसी ने दिल्ली से आगे कदम नहीं बढ़ाया था
हिमाचल प्रदेश के शिमला से मुंबई पहुंचने का फैसला प्रतिभा रांटा के लिए आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में इससे पहले किसी ने दिल्ली से आगे जाकर करियर बनाने की कोशिश नहीं की थी। ऐसे माहौल में अभिनेत्री बनने का सपना लेकर मुंबई आना उनके लिए व्यक्तिगत आजादी का एक बड़ा कदम था।
प्रतिभा के मुताबिक, मुंबई आने के बाद उन्होंने मिलने वाले हर अवसर को गंभीरता से लिया। कॉलेज की पढ़ाई के साथ उन्होंने ऑडिशन देना शुरू किया और इसी प्रक्रिया के जरिए उन्हें अपना पहला टीवी शो ‘कुर्बान’ मिला। इसके बाद ‘लापता लेडीज’ में काम करने का मौका भी ऑडिशन के जरिए ही मिला। फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिली और फिल्म की अंतरराष्ट्रीय पहचान ने प्रतिभा को भी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाया।
इसके बाद ओटीटी फिल्म ‘अक्यूज्ड’ में भी उनके अभिनय की चर्चा हुई। प्रतिभा का कहना है कि उन्होंने अब तक जिन किरदारों को निभाया है, वे एक-दूसरे से काफी अलग रहे हैं और यही उनके लिए अभिनय की सबसे बड़ी चुनौती और उपलब्धि है।
‘क्रांति की शुरुआत खुद से करनी पड़ती है’
‘रेवल्यूशनरीज’ में क्रांतिकारी की भूमिका निभाने वाली प्रतिभा का मानना है कि बदलाव की शुरुआत व्यक्ति को अपने जीवन से करनी चाहिए। उनके लिए अपने करियर को लेकर परिवार के पारंपरिक सोच से अलग फैसला लेना भी एक तरह की व्यक्तिगत क्रांति थी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिवार की ओर से उनके फैसले को लेकर विरोध था, लेकिन समय के साथ परिवार ने उनके सपने को समझा और उनका साथ दिया।
अभिनेत्री के मुताबिक, आज उनके दादा-दादी भी उनके करियर और जीवन को लेकर काफी सहज हैं। उन्होंने खास तौर पर अपनी दादी का जिक्र करते हुए कहा कि समय के साथ उनके विचारों में काफी बदलाव आया है और अब वह उनसे हर बात साझा कर पाती हैं।

लड़कियों को अपने फैसले लेने की आजादी मिले
महिला सशक्तिकरण के सवाल पर प्रतिभा ने कहा कि उनके लिए वास्तविक empowerment का मतलब यही है कि लड़कियां जिस क्षेत्र में जाना चाहें, वहां आगे बढ़ने का अवसर और समर्थन उन्हें मिले। उनके अनुसार, महिलाओं की प्रगति के बावजूद आज भी बहुत सी लड़कियों को अपने सपनों और फैसलों के लिए परिवार तथा समाज के सहयोग की जरूरत पड़ती है।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं को अपनी बात रखने और अपनी क्षमता साबित करने के दौरान कई बार अतिरिक्त सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है। उनके मुताबिक, किसी लड़की के आत्मविश्वास और निर्णय को तुरंत जज करने की प्रवृत्ति आज भी कई जगह दिखाई देती है।
शिमला के इतिहास से जुड़ा खास रिश्ता
‘रेवल्यूशनरीज’ में ऐतिहासिक किरदार निभाने के लिए प्रतिभा ने उस दौर और संबंधित स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में अध्ययन किया। सीरीज में उनके साथ रास बिहारी बोस, सचिंद्र नाथ सान्याल और बाघा जतिन जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जुड़े किरदार भी दिखाई देंगे। प्रतिभा ने कहा कि शिमला से होने के कारण उन्हें ब्रिटिश दौर के इतिहास को करीब से महसूस करने का एक अलग अनुभव मिलता है।
शहर की वास्तुकला में ब्रिटिश और स्कॉटिश प्रभाव आज भी दिखाई देता है और कई स्थानों के नाम भी औपनिवेशिक दौर की विरासत को दर्शाते हैं। इसी वजह से वह बचपन से ही शहर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को लेकर जिज्ञासु रही हैं।











