प्रयागराज में 15 हजार रुपये के विवाद में दोस्त की हत्या, पांच युवकों पर मुकदमा; चापड़ से सिर पर किए वार

प्रयागराज में 17 वर्षीय शांतनु की 15 हजार रुपये के विवाद में हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
प्रयागराज में 15 हजार रुपये के विवाद में दोस्त की हत्या, पांच युवकों पर मुकदमा; चापड़ से सिर पर किए वार
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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महज 15 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर दोस्ती के रिश्ते को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। झूंसी थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोर की उसके ही दोस्तों ने कथित तौर पर हत्या कर दी। आरोप है कि पैसे वापस करने को लेकर चल रहे विवाद के बाद किशोर को फोन करके घर से बुलाया गया और फिर उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस के अनुसार, धारदार हथियार से उसके सिर पर कई वार किए गए। घटना के बाद शव को गंगा किनारे नाले के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है और हत्या में इस्तेमाल चापड़ भी बरामद किए जाने की बात सामने आई है।

मृतक की पहचान झूंसी के कोहना क्षेत्र निवासी 17 वर्षीय शांतनु दुबे के रूप में हुई है। शांतनु इंटरमीडिएट का छात्र था और उसके पिता तीर्थ पुरोहित का काम करते हैं। परिवार के मुताबिक, सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे शांतनु के मोबाइल पर एक फोन आया। फोन आने के बाद वह अपनी स्कूटी लेकर घर से बाहर निकल गया। परिजनों को उस समय इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह उसका आखिरी बार घर से निकलना होगा।

काफी देर बीत जाने के बाद भी जब शांतनु वापस नहीं लौटा तो परिवार के लोगों को चिंता होने लगी। रात में ही उसकी तलाश शुरू कर दी गई। रिश्तेदारों और परिचितों से भी उसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसका मोबाइल भी बंद हो गया था। परिजन पूरी रात आसपास के इलाकों में उसे खोजते रहे। उन्हें उम्मीद थी कि वह किसी दोस्त या परिचित के यहां गया होगा और कुछ देर बाद वापस आ जाएगा, लेकिन मंगलवार सुबह तक कोई जानकारी नहीं मिली।

इसी बीच पुलिस को गंगा किनारे हवेलिया नाले के आसपास एक शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो झाड़ियों के बीच एक किशोर का शव मिला। शरीर पर चोट के निशान थे और सिर पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की आशंका सामने आई। शव की स्थिति देखकर पुलिस ने तत्काल आसपास के इलाके में छानबीन शुरू कर दी। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान शांतनु के रूप में की। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।

पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फोरेंसिक टीम को बुलाया। अधिकारियों ने मौके से साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस इस बात की जांच में जुट गई कि शांतनु आखिरी बार किसके साथ गया था और घर से निकलने के बाद वह किन लोगों के संपर्क में था। उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य जानकारियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया।

जांच के दौरान पुलिस को शांतनु के दोस्तों के बारे में जानकारी मिली। इसी क्रम में 15 हजार रुपये के लेनदेन का विवाद सामने आया। पुलिस के मुताबिक, शांतनु ने अपने एक दोस्त को 15 हजार रुपये उधार दिए थे। पैसे वापस करने को लेकर वह लगातार तगादा कर रहा था। इसी रकम को लेकर दोनों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया।

पुलिस जांच में मुख्य आरोपी के रूप में उज्ज्वल सेनगुप्ता का नाम सामने आया। बताया गया कि शांतनु और उज्ज्वल के बीच पहले से दोस्ती थी और दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। पुलिस के अनुसार, उज्ज्वल पर शांतनु के 15 हजार रुपये बकाया थे। आर्थिक परेशानी के कारण वह रकम वापस नहीं कर पा रहा था। दूसरी ओर शांतनु लगातार अपने पैसे वापस मांग रहा था। इसी वजह से दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया।

पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले शांतनु को फोन करके बुलाया गया था। आरोप है कि उसे यह भरोसा दिलाया गया कि पैसे को लेकर बातचीत की जाएगी और कुछ रकम वापस कर दी जाएगी। इसी भरोसे में शांतनु रात में घर से निकल गया। पुलिस की जांच के मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद उसे पहले शराब पिलाई गई। इसके बाद पैसों को लेकर बातचीत हुई और विवाद बढ़ गया।

जांच में सामने आए पुलिस के दावे के अनुसार, आरोपितों ने शांतनु को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद धारदार हथियार से उसके सिर पर कई वार किए गए। हमले में शांतनु गंभीर रूप से घायल हो गया। वह वहां से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कुछ दूरी पर जाकर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपित कथित तौर पर मौके से फरार हो गए। पुलिस को बाद में उसका शव गंगा किनारे झाड़ियों के पास मिला।

इस वारदात ने इलाके के लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। जिस किशोर की उम्र अभी महज 17 वर्ष थी, वह पढ़ाई कर रहा था और अपने दोस्तों के साथ सामान्य जिंदगी जी रहा था। परिवार को भी यह अंदाजा नहीं था कि जिन लोगों के साथ शांतनु का उठना-बैठना था, उन्हीं में से कुछ लोग उसके लिए खतरा बन सकते हैं। पैसे के मामूली से विवाद को लेकर हुई इस हत्या ने दोस्ती और भरोसे के रिश्ते पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। रिपोर्टों के अनुसार आरोपितों में उज्ज्वल सेनगुप्ता के अलावा यश गुप्ता, दिव्यांश निषाद, छोटू पासी और छोटू यादव उर्फ अंडा के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अलग-अलग रिपोर्टों में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या में अंतर है, इसलिए पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई के अंतिम आंकड़े के आधार पर ही संख्या स्पष्ट होगी।

पुलिस का कहना है कि हत्या में इस्तेमाल धारदार हथियार भी बरामद किया गया है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात की पूरी योजना कब और कैसे बनाई गई थी। पुलिस आरोपितों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सभी आरोपितों की भूमिका क्या थी और घटना में कौन-कौन प्रत्यक्ष रूप से शामिल था।

मामले की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि शांतनु को घर से बुलाने के पीछे पहले से कोई पूरी योजना थी या फिर मौके पर विवाद बढ़ने के बाद हत्या की गई। पुलिस पूछताछ में आरोपितों से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि 15 हजार रुपये की रकम आखिर इतनी बड़ी वजह कैसे बन गई कि एक किशोर की जान चली गई। जिस दोस्त पर भरोसा करके शांतनु रात में घर से बाहर निकला, उसी मुलाकात के बाद उसकी हत्या का आरोप सामने आया है। परिजनों का कहना है कि शांतनु के अचानक गायब होने के बाद उन्होंने रातभर उसे तलाशा था। सुबह शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना के बाद झूंसी इलाके में भी चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की वारदात से लोगों में डर पैदा हुआ है। पुलिस की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस ने मामले को पैसों के विवाद से जोड़कर जांच शुरू की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की पुष्टि की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या के बाद शव को घटनास्थल से नाले और झाड़ियों तक किस तरह ले जाया गया और इसमें कितने लोग शामिल थे। मामले में आगे की जांच के बाद ही हत्या की पूरी साजिश और प्रत्येक आरोपित की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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