प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में लगातार हुई तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। पिछले 24 घंटे में करीब 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने के बाद शहर की कई सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जगह-जगह जलभराव की स्थिति ऐसी रही कि सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। निचले इलाकों में पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया, जबकि जॉर्ज टाउन थाना परिसर भी बारिश के पानी से जलमग्न हो गया।
भारी बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों की मुश्किल बढ़ गई। कई जगह दोपहिया वाहन पानी के बीच बंद होते नजर आए। लगातार बारिश के कारण नगर निगम और प्रशासन की जल निकासी व्यवस्था की भी परीक्षा हुई।
करेली इलाके में हालात ज्यादा खराब रहे। यहां बारिश का पानी कई घरों तक पहुंच गया। लोगों को घरों से निकलने के लिए पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने की चिंता सताती रही।
जॉर्ज टाउन थाना परिसर में भी बारिश का पानी भर गया। थाने के अंदर और आसपास पानी जमा होने से पुलिसकर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण शहर के कई सरकारी और निजी परिसरों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली।
बारिश का असर शहर की मुख्य सड़कों पर भी दिखाई दिया। कई मार्गों पर पानी जमा होने से यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। जहां पानी ज्यादा था, वहां लोगों ने वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया। सुबह के समय कार्यालय और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई।
भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने आज स्कूल बंद रखने का फैसला किया। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखा गया। बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए अभिभावकों को भी बच्चों को घर से बाहर न भेजने की सलाह दी गई।
शहर में कई जगह नालियां और नाले ओवरफ्लो होते नजर आए। बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के कारण जल निकासी में समय लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी देर की तेज बारिश में भी कई इलाकों में पानी भर जाता है, लेकिन इस बार लंबे समय तक हुई बारिश के कारण समस्या और गंभीर हो गई।
प्रयागराज में मानसून के दौरान शहर के निचले इलाकों में जलभराव पहले भी चुनौती रहा है। करेली सहित कई क्षेत्रों में बारिश के बाद पानी जमा होने की समस्या सामने आती रही है। इस बार 24 घंटे में 115 MM बारिश होने के कारण जलभराव का दायरा और बढ़ गया। बारिश के दौरान शहर की बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रही। पानी भरने वाले इलाकों में बिजली के तार और खंभों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के कारण सड़क किनारे खड़े वाहनों के पहिए तक पानी में डूब गए। कई जगह लोग अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर ले जाते नजर आए। दुकानदारों ने भी दुकानों के बाहर जमा पानी को निकालने की कोशिश की।
शहर के कई मोहल्लों में लोगों ने नगर निगम से तत्काल पानी निकालने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के कारण प्रयागराज के कई हिस्सों में तापमान में भी गिरावट आई। हालांकि लगातार नमी के कारण वातावरण में उमस बनी रही। आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।
प्रशासन और नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने के लिए काम कर रही हैं। पंपिंग मशीनों की मदद से कई स्थानों पर जमा पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के दौरान नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा भी बढ़ जाता है। तेज बारिश के कारण छोटे नालों में पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है। ऐसे में लोगों को बच्चों को नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रखने की सलाह दी जाती है।
प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर पर भी बारिश का असर पड़ सकता है। हालांकि शहरी जलभराव और नदी के जलस्तर की स्थिति अलग-अलग होती है, लेकिन लगातार बारिश होने पर दोनों नदियों के कैचमेंट क्षेत्रों से आने वाले पानी पर नजर रखना जरूरी हो जाता है।
बारिश के कारण सड़कों पर बने गड्ढे भी पानी में छिप गए। इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। रात और सुबह के समय दृश्यता कम होने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों पर धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
स्कूल बंद रहने से बच्चों और अभिभावकों को कुछ राहत मिली है, लेकिन जरूरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को बारिश के बीच भी अपने काम पर जाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य, पुलिस, सफाई और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी जलभराव वाले क्षेत्रों में व्यवस्थाएं संभालने में जुटे हैं।
प्रयागराज में इतनी अधिक बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत महसूस होती है। खासकर उन इलाकों में जहां हर मानसून में जलभराव की समस्या सामने आती है।
फिलहाल मौसम साफ होने के बजाय बादलों और बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। ऐसे में आने वाले घंटों में यदि फिर तेज बारिश होती है तो पहले से जलमग्न इलाकों में स्थिति और खराब हो सकती है। प्रशासन के लिए जल निकासी के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
प्रयागराज में 24 घंटे में हुई 115 MM बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया है। करेली में पानी घरों तक पहुंचा, जॉर्ज टाउन थाना परिसर जलमग्न हुआ और कई सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। हालात को देखते हुए आज स्कूल बंद रखे गए हैं। लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और जरूरी होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है।