मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। कुछ समय के लिए धूप तेज हुई तो मौसम गर्म महसूस होने लगा। इसके बाद फिर बादलों ने सूरज को ढक लिया। इस तरह धूप और बादलों की आंखमिचौली के कारण मौसम पूरी तरह साफ भी नहीं हुआ और लगातार बारिश वाला माहौल भी नहीं बना।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 18 अगस्त को आगरा में बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ सकती है। 19 अगस्त को भी बारिश के आसार हैं। इसके बाद 20 और 21 अगस्त को भी अलग-अलग समय पर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। 22 अगस्त को बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि 23 अगस्त को भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
यानी अगले कई दिनों तक आगरा के लोगों को मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बादल और बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए तैयारी रखने की जरूरत है।
बारिश की संभावना के बावजूद उमस से पूरी तरह राहत नहीं मिलने वाली है। इसका कारण वातावरण में मौजूद नमी है। बारिश के बाद जब धूप निकलती है तो जमीन और हवा में नमी बढ़ने से उमस और ज्यादा महसूस होती है। यही वजह है कि कई बार तापमान बहुत अधिक नहीं होने के बावजूद लोगों को गर्मी परेशान करती है।
आगरा में मानसून के दौरान इस तरह का मौसम आम है। बादलों की आवाजाही के बीच कुछ इलाकों में बारिश होती है, जबकि दूसरे हिस्सों में केवल बादल छाए रहते हैं। शहर में भी बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहता। एक इलाके में तेज बौछार हो सकती है, जबकि कुछ किलोमीटर दूर दूसरे इलाके में सिर्फ हल्की फुहार पड़ सकती है।
मंगलवार को भी स्थानीय स्तर पर मौसम में इसी तरह का बदलाव देखने को मिल सकता है। दोपहर के बाद बारिश की संभावना अधिक रहने से सड़कों पर निकलने वाले लोगों को सावधानी बरतनी होगी। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए अचानक होने वाली बारिश परेशानी बढ़ा सकती है।
बारिश होने पर शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। आगरा में कई स्थानों पर थोड़ी देर की तेज बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने की समस्या सामने आती रही है। यदि दोपहर या शाम के समय तेज बौछार होती है तो प्रमुख बाजारों और व्यस्त सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
पर्यटकों के लिए भी मौसम महत्वपूर्ण है। ताजमहल और आगरा के अन्य पर्यटन स्थलों पर घूमने आने वाले लोगों को बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी। बारिश के दौरान खुले स्थानों पर घूमने में परेशानी हो सकती है, हालांकि बादलों के कारण मौसम सुहावना होने पर गर्मी से कुछ राहत भी मिल सकती है।
मौसम में बदलाव का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। खेती के लिए बारिश उपयोगी है, लेकिन लगातार या बहुत तेज बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए किसानों के लिए बारिश की मात्रा और उसके अंतराल दोनों महत्वपूर्ण हैं।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान में 23 अगस्त तक आगरा में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। इसके बीच तापमान में बहुत बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। अधिकतम तापमान ज्यादातर दिनों में 30 से 34 डिग्री के बीच रह सकता है।
आने वाले दिनों में आगरा के मौसम की सबसे खास बात यह रहेगी कि बारिश लगातार एक जैसी नहीं होगी। कुछ समय के लिए धूप निकल सकती है और उसके बाद फिर बादल घिर सकते हैं। इसी वजह से मौसम में उमस बनी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमान में भी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। 18 अगस्त को आगरा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई थी।
शहरवासियों को सलाह है कि बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। गरज-चमक होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर है। दोपहिया वाहन से सफर करने वालों को भी अचानक बारिश होने पर सुरक्षित जगह रुकना चाहिए।
फिलहाल आगरा में मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। 23 अगस्त तक बादल, धूप और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मंगलवार को दोपहर बाद बारिश हो सकती है, जबकि बीच-बीच में धूप निकलने से उमस बढ़ सकती है।