प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रयागराज STF को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने 50 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर छैला बाबू को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली में छिपकर रह रहा था।
आरोपी पर कई आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इनाम घोषित होने के बाद STF भी उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी।
STF को सूचना मिली कि छैला बाबू दिल्ली में मौजूद है। सूचना को पुख्ता करने के बाद टीम ने उसकी लोकेशन और आने-जाने की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद STF की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया और उससे पूछताछ शुरू की गई। STF यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान उसने किन लोगों से संपर्क बनाए रखा और उसे दिल्ली में छिपने के लिए किसने मदद पहुंचाई।
पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। उसके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों की जानकारी जुटाकर यह पता लगाया जा रहा है कि किन मामलों में वह वांछित था और उसकी भूमिका क्या रही थी।
पुलिस की जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि फरार रहने के दौरान आरोपी ने किसी नए अपराध को अंजाम दिया या नहीं। उसके संपर्क में रहे लोगों और संभावित सहयोगियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
STF की इस कार्रवाई को प्रयागराज और आसपास के इलाकों में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और STF की टीमें लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
छैला बाबू की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा सकती है। अगर पूछताछ में किसी सहयोगी या अन्य अपराधी का नाम सामने आता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
दिल्ली में छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद STF ने स्थानीय स्तर पर भी आरोपी की गतिविधियों की निगरानी की। गिरफ्तारी के बाद उसके पास से मिले सामान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि फरारी के दौरान उसके ठिकाने और संपर्कों की जानकारी मिल सके।
पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने या गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी तरह के फर्जी दस्तावेज या अन्य साधनों का इस्तेमाल तो नहीं किया था।
गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस उसके आपराधिक इतिहास के साथ-साथ गैंग से जुड़े मामलों की भी जांच कर सकती है। अगर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई पहले से चल रही है तो संबंधित मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
STF की कार्रवाई के बाद आरोपी को संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा। आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इनामी और वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी निगरानी के साथ मुखबिर तंत्र का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
50 हजार रुपये के इनाम वाले छैला बाबू की दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर उसके संपर्कों और आपराधिक नेटवर्क पर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह कितने समय से दिल्ली में रह रहा था और उसके फरार रहने में किस-किस व्यक्ति ने मदद की।









