प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से UGC के मुद्दे पर सवाल पूछने के बाद थप्पड़ मारे जाने का आरोप लगाने वाले रोहित तिवारी ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। रोहित ने कहा कि थप्पड़ सिर्फ उन्हें नहीं मारा गया बल्कि पूरे सवर्ण समाज का अपमान किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि इस घटना से वह डरने वाले नहीं हैं और UGC के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेंगे। रोहित के साथ मौजूद अंकित पांडेय ने भी घटना को गलत बताते हुए कहा कि समाज से जुड़े सवाल उठाने पर युवाओं को चुप कराने की कोशिश की गई।
रोहित तिवारी का कहना है कि वह UGC के नए नियमों का पहले से विरोध कर रहे हैं। जब उन्हें पता चला कि केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज में आयोजित प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले हैं तो उन्होंने उनसे सीधे सवाल पूछने का फैसला किया। रोहित जानना चाहते थे कि डिप्टी सीएम UGC के नियमों के पक्ष में हैं या विरोध में और इस मुद्दे पर सरकार का क्या रुख है।
रोहित के मुताबिक सम्मेलन में भाजपा सपा और कांग्रेस की राजनीति पर काफी बातें हो रही थीं लेकिन सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों पर कोई स्पष्ट चर्चा नहीं हो रही थी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज का था और केशव प्रसाद मौर्य को यहां समाज के हितों से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए था। अगर वह खुद UGC पर अपनी राय स्पष्ट कर देते तो उन्हें बीच कार्यक्रम में सवाल उठाने की जरूरत नहीं पड़ती।
रोहित ने बताया कि वह कार्यक्रम का बहिष्कार भी कर सकते थे लेकिन आयोजन ब्राह्मण समाज का होने के कारण उन्होंने इसमें शामिल होना उचित समझा। उनका कहना है कि वह किसी राजनीतिक दल की बात सुनने नहीं बल्कि अपने समाज से जुड़े मुद्दों पर डिप्टी सीएम का विचार जानने पहुंचे थे। उन्होंने सवाल उठाने को अपना अधिकार बताते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि से सवाल पूछना गलत नहीं है।
पूरे मामले में अंकित पांडेय ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि UGC पर सवाल पूछने के बाद प्रशासन और वहां मौजूद कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। अंकित के मुताबिक पुलिस दोनों युवकों को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जा रही थी तभी भाजपा पार्षद विनय मिश्रा ने रोहित तिवारी को थप्पड़ मार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती।
यह पूरा विवाद रविवार को प्रयागराज में राष्ट्रीय परशुराम सेना की ओर से आयोजित प्रबुद्ध महाकुंभ सम्मेलन के दौरान हुआ था। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। जब वह मंच से संबोधन कर रहे थे तभी रोहित तिवारी और अंकित पांडेय ने उनसे UGC के मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट करने की मांग की। दोनों युवकों ने पूछा कि वह इन नियमों के समर्थन में हैं या विरोध में।
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने युवकों से शांत रहने और बैठने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वह सभी मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। इसके बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया और पुलिस दोनों युवकों को बाहर ले जाने लगी। इसी दौरान रोहित को थप्पड़ मारे जाने का आरोप लगा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
रोहित तिवारी की शिकायत पर सोमवार देर शाम भाजपा पार्षद विनय मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार शिकायत में मारपीट और धमकी देने से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। हालांकि आरोपी पार्षद की ओर से थप्पड़ मारने के आरोप से इनकार किए जाने की भी खबर है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना को लेकर भाजपा विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने युवकों के सवाल पूछने के अधिकार का समर्थन करते हुए थप्पड़ मारने की घटना की आलोचना की। सम्मेलन के आयोजक विमल तिवारी ने भी युवकों के साथ हुए व्यवहार को निंदनीय बताया और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखना हर व्यक्ति का अधिकार है।
रोहित तिवारी ने साफ किया है कि वह इस घटना के बाद पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि UGC के मुद्दे पर सवाल उठाना जारी रहेगा और किसी के दबाव में उनकी आवाज बंद नहीं होगी। अब यह मामला केवल सम्मेलन में हुए हंगामे तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि UGC नियमों को लेकर युवाओं की नाराजगी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सवाल पूछने के अधिकार पर भी बहस शुरू हो गई है।











