प्रयागराज के एक युवक का शव पिछले 11 दिनों से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में फंसा हुआ है। युवक की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है और लगातार सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें अब तक बेटे का शव नहीं मिल सका है। परिवार बिलखते हुए सिर्फ एक ही मांग कर रहा है कि किसी तरह शव भारत लाया जाए ताकि वे आखिरी बार उसका चेहरा देख सकें।
मृतक युवक रोजगार के सिलसिले में दुबई गया था। परिवार को अचानक उसकी मौत की खबर मिली तो घर में कोहराम मच गया। तब से परिजन लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं।
प्रयागराज में युवक के घर पर मातम पसरा हुआ है। मां-बाप और परिवार के अन्य सदस्य रो-रोकर बेहाल हैं। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
परिवार वालों का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे खुद से शव को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मदद की अपील की है।
मृतक के भाई ने कहा कि “हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि भाई का शव घर आ जाए। मां की हालत लगातार खराब होती जा रही है। बस आखिरी बार उसका चेहरा देखना चाहते हैं।”
संयुक्त अरब अमीरात में काम करने वाले भारतीय मजदूरों और कर्मचारियों की मौत के बाद कई बार दस्तावेजी प्रक्रिया और औपचारिकताओं की वजह से शव लाने में देरी हो जाती है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि विदेश में काम करने वाले गरीब परिवारों के लोगों को ऐसी परिस्थितियों में सरकारी मदद मिलनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से वायरल हो रहा है। लोग परिवार की मदद के लिए सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी परिवार की मदद का भरोसा दिलाया है। बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है ताकि प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।







