प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में देशभर के छात्रों से संवाद किया। पीएम ने बताया कि यह कार्यक्रम उनके लिए सीखने का अवसर है। छात्रों को स्टार्टअप, करियर, पढ़ाई-पेशन संतुलन और टेक्नोलॉजी के सही इस्तेमाल पर मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के सपने के लिए व्यवहारिक आदतों को अपनाने की सलाह भी दी।
Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और असम के छात्रों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने छात्रों के स्टार्टअप आइडियाज, करियर विकल्प, पढ़ाई और पेशन के बीच संतुलन और तकनीक के प्रभाव पर सलाह दी। उन्होंने छात्रों को 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए व्यवहारिक आदतों को अपनाने और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करने पर जोर दिया। छात्रों की ऊर्जा और प्रश्नों ने पीएम को भी सीखने का अवसर दिया।
पीएम मोदी ने कहा
आज ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों से संवाद किया। इस दौरान पीएम ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम उनके लिए सीखने का अवसर है, न कि केवल सिखाने का। उन्होंने छात्रों की उत्साही ऊर्जा और सरलता की सराहना की। तमिलनाडु के कोयंबटूर से शुरुआत करते हुए, उन्होंने छात्रों के स्टार्टअप, करियर और पढ़ाई-पेशन के बीच संतुलन जैसे सवालों का उत्तर दिया। पीएम ने छात्रों को सलाह दी कि स्टार्टअप के लिए किसी उम्र की बाधा नहीं है, बल्कि सही दिशा और अनुभव महत्वपूर्ण है।

पढ़ाई, पेशन और व्यक्तिगत विकास पर सुझाव
छात्रों के सवालों के जवाब देते हुए पीएम मोदी ने पढ़ाई और पेशन के बीच संतुलन बनाने के तरीके बताये। उन्होंने कहा कि कला और विज्ञान का संयोजन पढ़ाई को मजेदार और यादगार बना सकता है। साथ ही, छात्रों के 2047 तक विकसित भारत के सपने पर चर्चा करते हुए उन्होंने व्यवहारिक आदतों जैसे कचरा न फैलाना, ट्रैफिक नियमों का पालन और स्थानीय उत्पादों को अपनाना जरूरी बताया। पीएम ने टेक्नोलॉजी के प्रभाव पर भी जोर देते हुए कहा कि छात्रों को तकनीक से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उसे समझ कर अपने विकास के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।
देश के विभिन्न राज्यों के छात्रों से संवाद
कोयंबटूर के बाद पीएम मोदी रायपुर, छत्तीसगढ़ और गुवाहाटी में छात्रों से मिले। रायपुर में उन्होंने ट्रेडिशनल फूड का अनुभव साझा किया और छात्रों को विविधताओं का अनुभव लेने की प्रेरणा दी। छत्तीसगढ़ में आदिवासी छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के महत्व पर जोर दिया। गुवाहाटी में छात्रों ने एनर्जी और डाइट से जुड़े सवाल पूछे, जिस पर पीएम ने प्राकृतिक और संतुलित जीवन शैली अपनाने की सलाह दी।












