संसद में हंगामा जारी, बजट सत्र के 9वें दिन भी ठप रही लोकसभा

बजट सत्र के नौवें दिन लोकसभा में फिर हंगामा हुआ। राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर विपक्ष ने नारेबाजी की, स्पीकर ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित की।

बजट सत्र के नौवें दिन लोकसभा की कार्यवाही फिर हंगामे के कारण ठप हो गई। राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर विपक्ष ने नारेबाजी की, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया।

Budget Session: संसद के बजट सत्र का नौवां दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि स्पीकर ओम बिरला को कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन में शोर, नारे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच कोई भी विधायी कामकाज नहीं हो सका।

राहुल गांधी को बोलने देने की मांग

इस पूरे हंगामे की सबसे बड़ी वजह विपक्ष की यह मांग रही कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सदन में बोलने दिया जाए। विपक्षी सांसद लगातार “राहुल गांधी को बोलने दो” के नारे लगाते रहे। उनका कहना है कि अगर नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा तो सदन सुचारु रूप से चल सकता है। विपक्ष का आरोप है कि जानबूझकर राहुल गांधी को बोलने से रोका जा रहा है।

स्पीकर ओम बिरला का रुख

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में स्पष्ट कहा कि नियमों के तहत सभी सदस्यों को बोलने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा किसी भी तरह के गतिरोध और नारेबाजी के लिए नहीं है। स्पीकर ने विपक्ष से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और सदन की गरिमा बनाए रखें। हालांकि स्पीकर की अपील के बावजूद हंगामा थम नहीं सका।

अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा तेज

हंगामे के बीच यह खबर भी सामने आई कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है। विपक्षी खेमे का मानना है कि स्पीकर निष्पक्ष भूमिका नहीं निभा रहे हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक नोटिस नहीं दिया गया है, लेकिन इस चर्चा ने सियासी हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।

कार्यवाही से पहले विपक्ष की बैठक

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद परिसर में एक अहम बैठक की। इस बैठक में मौजूदा सियासी हालात, सदन में गतिरोध और स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद विपक्ष ने साफ संकेत दिया कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो हंगामा जारी रहेगा।

कांग्रेस का साफ संदेश

कांग्रेस पार्टी ने दो टूक शब्दों में कहा कि राहुल गांधी को अगर सदन में बोलने दिया जाएगा तो कार्यवाही सुचारु रूप से चल सकती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार जानबूझकर मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि महत्वपूर्ण सवालों से बचने के लिए विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।

मल्लिकार्जुन खरगे का बयान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद पहुंचने पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि कौन कहता है कि आज सदन नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और स्पीकर निष्पक्ष रवैया अपनाएं तो संसद जरूर चलेगी। खरगे ने यह भी इशारा किया कि हंगामे की जिम्मेदारी पूरी तरह विपक्ष पर डालना सही नहीं है।

लगातार बाधित हो रहा बजट सत्र

गौरतलब है कि बजट सत्र की शुरुआत से ही संसद में लगातार व्यवधान देखने को मिल रहा है। कई अहम विधेयक और चर्चाएं हंगामे की वजह से टल चुकी हैं। इससे न सिर्फ सरकार का विधायी एजेंडा प्रभावित हो रहा है, बल्कि जनता के मुद्दों पर भी सार्थक बहस नहीं हो पा रही है।

सरकार की रणनीति पर सवाल

विपक्ष का आरोप है कि सरकार बहस से बच रही है और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहती। उनका कहना है कि विपक्ष सवाल पूछता है तो उसे बोलने नहीं दिया जाता। दूसरी तरफ सरकार का दावा है कि विपक्ष जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रहा है ताकि राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।

लोकतंत्र की कसौटी पर संसद

लगातार हो रहे हंगामों ने एक बार फिर संसद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकतंत्र में संसद को सबसे बड़ा मंच माना जाता है, जहां सरकार और विपक्ष के बीच संवाद होना चाहिए। लेकिन मौजूदा हालात में संवाद की जगह टकराव ने ले ली है, जिससे संसदीय परंपराओं को नुकसान पहुंच रहा है।

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