आईडीबीआई बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और इसकी औपचारिक घोषणा जल्द की जा सकती है।
बिजनेस न्यूज़: भारत के बैंकिंग इतिहास की सबसे बड़ी विदेशी निवेश डील में से एक को लेकर इन दिनों प्रेम वत्स (Prem Watsa) का नाम सुर्खियों में है। कनाडा की दिग्गज वित्तीय कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) द्वारा IDBI बैंक में हिस्सेदारी खरीदने की संभावित डील के बाद भारतीय मूल के इस कारोबारी की चर्चा तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की IDBI बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए फेयरफैक्स की बोली को मंजूरी मिल गई है। यदि यह सौदा पूरा होता है तो इसकी अनुमानित कीमत करीब 5.5 अरब डॉलर यानी लगभग 53,000 करोड़ रुपये हो सकती है। इसे भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में शामिल किया जा रहा है।
कौन हैं प्रेम वत्स?
प्रेम वत्स फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। वह भारतीय मूल के कनाडाई कारोबारी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और निवेश रणनीति के दम पर वैश्विक वित्तीय जगत में खास पहचान बनाई है। उनका जन्म 5 अगस्त 1950 को हैदराबाद में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने 1971 में आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की।
उच्च शिक्षा और बेहतर करियर अवसरों की तलाश में वह कनाडा चले गए। वहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ओंटारियो से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की। इसी शिक्षा ने उनके लिए वित्तीय क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार किया।
कैसे शुरू हुआ प्रेम वत्स का कारोबारी सफर?
प्रेम वत्स ने अपने करियर की शुरुआत 1974 में कन्फेडरेशन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से की। यहां उन्होंने निवेश प्रबंधन, स्टॉक पोर्टफोलियो और वित्तीय शोध का काम किया। इसी दौरान उन्होंने बीमा और निवेश उद्योग की बारीकियों को समझा। कुछ वर्षों के अनुभव के बाद उन्होंने निवेश प्रबंधन क्षेत्र में कदम बढ़ाया और हैम्ब्लिन वत्स इन्वेस्टमेंट काउंसिल लिमिटेड की स्थापना की।
इसके बाद वर्ष 1985 में उन्होंने फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की स्थापना की। कंपनी ने धीरे-धीरे बीमा, वित्तीय सेवाओं और वैश्विक निवेश के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई।

क्यों कहा जाता है कनाडा का वॉरेन बफे?
प्रेम वत्स की निवेश रणनीति को अक्सर दुनिया के प्रसिद्ध निवेशक वॉरेन बफे की शैली से जोड़ा जाता है। वह लंबी अवधि के निवेश, मजबूत कंपनियों की पहचान और जोखिम को समझकर पूंजी लगाने के लिए जाने जाते हैं। इसी वजह से उन्हें कई बार “कनाडा का वॉरेन बफे” कहा जाता है। उनकी निवेश शैली में धैर्य, मूल्य आधारित निवेश और मजबूत प्रबंधन वाली कंपनियों पर भरोसा प्रमुख माना जाता है।
भारत में फेयरफैक्स के बड़े निवेश
प्रेम वत्स की कंपनी फेयरफैक्स का भारत में भी महत्वपूर्ण निवेश पोर्टफोलियो है। कंपनी की भारतीय इकाई के पास CSB बैंक में बड़ी हिस्सेदारी है। इसके अलावा फेयरफैक्स ने भारत में कई अन्य क्षेत्रों में निवेश किया है। कंपनी की IIFL कैपिटल में हिस्सेदारी है और बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में भी इसका बड़ा निवेश रहा है।
भारत के अलावा फेयरफैक्स का कारोबार उत्तरी अमेरिका और यूरोप के कई बाजारों में फैला हुआ है। कंपनी बीमा, वित्तीय सेवाओं और निवेश क्षेत्रों में सक्रिय है।
कितनी है प्रेम वत्स की संपत्ति?
फोर्ब्स के अनुसार, प्रेम वत्स की अनुमानित नेटवर्थ करीब 2.6 अरब डॉलर (लगभग 25,000 करोड़ रुपये) है। वह कनाडा के सबसे सफल भारतीय मूल के कारोबारियों में शामिल हैं। एक मध्यम वर्गीय परिवार से निकलकर वैश्विक वित्तीय क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले प्रेम वत्स की कहानी को अक्सर उद्यमिता और मेहनत की मिसाल के रूप में देखा जाता है। भारत सरकार ने भी उनके योगदान को सम्मान देते हुए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है।









