आज से एक साल पहले भारत ने Operation Sindoor के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ा सैन्य अभियान चलाया था। भारतीय सेनाओं के इस ऑपरेशन को आज एक वर्ष पूरा हो गया है।
नई दिल्ली: भारत के कथित आतंकवाद-विरोधी अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, समर्पण और रणनीतिक क्षमता की सराहना की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की डिस्प्ले तस्वीर (DP) भी बदलकर सेना के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा संदेश में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति का प्रतीक रहा है।
पीएम मोदी का संदेश: “सेनाओं के शौर्य को सलाम”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि एक वर्ष पहले भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान “अद्वितीय साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प” का परिचय दिया था। उन्होंने कहा कि यह अभियान उन तत्वों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई थी जिन्होंने निर्दोष भारतीय नागरिकों को निशाना बनाया। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य तैयारी, संयुक्त समन्वय और रणनीतिक क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत आतंकवाद और उसके समर्थन तंत्र के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।
प्रधानमंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा नीति “जीरो टॉलरेंस” के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाना राष्ट्रीय संकल्प का हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर को भारत की बदलती सुरक्षा रणनीति और त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया क्षमता के उदाहरण के रूप में देखा जाता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी किया सेना का सम्मान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर भारतीय सेना की प्रशंसा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में कहा कि इस अभियान ने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया मानक स्थापित किया। रक्षा मंत्री के अनुसार, इस ऑपरेशन में भारतीय सेना, वायु सेना और अन्य सुरक्षा इकाइयों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला, जिसने संयुक्त सैन्य क्षमता को और मजबूत रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता (Defence Self-Reliance) और तकनीकी प्रगति का भी प्रमाण है। राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति को दोहराया गया। वीडियो में उनका पुराना बयान भी शामिल था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत आतंकवादियों और उनके समर्थन तंत्र के खिलाफ सीमा पार भी कार्रवाई करने में सक्षम है।










