Success Story: शादी के दबाव और 4 असफलताओं के बाद Priya Singh ने UPSC में हासिल की 232वीं रैंक

Priya Singh ने शादी के दबाव और चार असफलताओं के बावजूद UPSC CSE 2025 में 232वीं रैंक हासिल की। जानें उनकी तैयारी, रणनीति और सफलता की कहानी।

बिहार की प्रिया सिंह ने पारिवारिक दबाव और UPSC में लगातार असफलताओं के बावजूद तैयारी जारी रखी। किताबें बेचकर सीमित स्टडी मटीरियल से तैयारी की और पांचवें प्रयास में UPSC CSE 2025 में 232वीं रैंक हासिल की।

Priya Singh UPSC Success Story: बिहार के पटना के एक गांव से शुरू हुआ प्रिया सिंह का सफर कई चुनौतियों से होकर गुजरा। शादी के दबाव के बीच उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और लगातार असफल प्रयासों से सीख ली। सीमित स्टडी मटीरियल के साथ रणनीति बदलकर उन्होंने पांचवें प्रयास में UPSC CSE 2025 में 232वीं रैंक हासिल की।

बिहार के गांव से शुरू हुआ प्रिया का सफर

प्रिया सिंह का सफर बिहार के पटना के एक गांव से शुरू हुआ। उनकी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल में हुई। प्रिया के मुताबिक, वह गांव की पहली लड़की थीं, जिसने प्राइवेट स्कूल में एडमिशन लिया। 12वीं में उन्होंने 94 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने कंपनी सेक्रेटरी (CS) की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-21 हासिल की। इन उपलब्धियों ने उन्हें आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर आत्मविश्वास दिया।

कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करने के बाद प्रिया ने UPSC की तैयारी का फैसला किया। हालांकि, इस राह में उन्हें केवल परीक्षा की चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ा, बल्कि परिवार की सोच और शादी के दबाव जैसी परिस्थितियां भी सामने आईं।

शादी के दबाव के बीच तैयारी पर रखा फोकस

प्रिया के अनुसार, जब उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की तो परिवार की रूढ़िवादी सोच उनके सामने बड़ी चुनौती थी। उनके दादाजी और पिता चाहते थे कि वह शादी करके अपना जीवन आगे बढ़ाएं। इसके बावजूद प्रिया ने अपने लक्ष्य से पीछे हटने से इनकार किया।

उन्होंने परिवार के सामने यह स्पष्ट किया कि अपनी नौकरी से होने वाली कमाई के जरिए वह UPSC की तैयारी का खर्च खुद उठाएंगी। उनके भाई और मां ने भी उनका साथ दिया। परिवार के सहयोग से उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और अफसर बनने के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया।

शुरुआती असफलताओं ने बदली तैयारी की रणनीति

UPSC की परीक्षा में प्रिया को कई बार असफलता का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपना पहला प्रयास बिना पर्याप्त तैयारी के दिया था। इसके बाद भी शुरुआती प्रयासों में वह प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं कर सकीं। 2023 और 2024 के प्रयासों में उन्हें क्रमशः एक और दो अंकों से असफलता मिली।

इन नतीजों के बावजूद प्रिया ने तैयारी छोड़ने के बजाय अपनी कमियों को पहचानने और उन पर काम करने का फैसला किया। उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया और परीक्षा की जरूरत के अनुसार पढ़ाई को दोबारा व्यवस्थित किया। लगातार प्रयासों के साथ उन्होंने अपनी तैयारी को अधिक focused बनाने पर जोर दिया।

किताबों का बोझ कम कर चुनीं सिर्फ 25-30 कोर बुक्स

तैयारी के दौरान प्रिया ने अपने स्टडी मटीरियल में भी बड़ा बदलाव किया। उन्होंने अपनी पुरानी कई किताबें बेच दीं। उनका मानना था कि जरूरत से ज्यादा स्टडी मटीरियल जमा होने से तैयारी आसान होने के बजाय बोझिल हो रही थी।

इसके बाद उन्होंने केवल 25-30 core books को अपनी तैयारी का हिस्सा बनाया। उन्होंने Sociology को optional subject के तौर पर रखा और static subjects पर भी फोकस किया। सीमित किताबों के साथ बार-बार revision और जरूरी topics पर ध्यान देने की उनकी रणनीति ने तैयारी को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद की।

पांचवें प्रयास में UPSC CSE 2025 में मिली सफलता

लगातार असफलताओं के बाद प्रिया सिंह ने अपने पांचवें प्रयास में UPSC CSE 2025 में 232वीं रैंक हासिल की। इंटरव्यू में उन्हें 194 अंक मिले। तैयारी के दौरान उन्होंने BPSC का prelims भी clear किया था।

प्रिया की कहानी में गांव से निकलकर उच्च शिक्षा हासिल करने, नौकरी करने, पारिवारिक दबाव का सामना करने और कई असफलताओं के बाद दोबारा तैयारी करने का सफर शामिल है। उनकी यात्रा यह दिखाती है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान strategy में बदलाव, सीमित और उपयोगी study material, लगातार प्रयास और अपनी कमियों पर काम करना किस तरह तैयारी का हिस्सा बन सकता है।

Leave a comment