प्रियंका चोपड़ा ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में टेका माथा, सादगी भरे अंदाज़ ने जीता फैंस का दिल

Priyanka Chopra ने अमृतसर के Golden Temple में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। उनके सादगी भरे अंदाज़ ने फैंस का दिल जीत लिया। देखें तस्वीरें और जानें इस विज़िट की

Priyanka Chopra इन दिनों अपने भारत में कमबैक को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। हाल ही में वह अमेरिका से भारत लौटीं और मंगलवार, 31 मार्च 2026 को Golden Temple पहुंचीं, जहां उन्होंने श्रद्धा के साथ मत्था टेका।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: ग्लोबल आइकन और बॉलीवुड-हॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भारत दौरे पर आईं अभिनेत्री ने हाल ही में स्वर्ण मंदिर में मत्था टेककर अपनी आध्यात्मिक आस्था का परिचय दिया। 31 मार्च 2026 को अमृतसर पहुंचीं प्रियंका ने गोल्डन टेंपल में दर्शन किए और गुरुद्वारा परिसर में सेवा करते हुए भी नजर आईं। उनकी इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्हें दुनियाभर में उनके फैंस सराह रहे हैं।

सादगी भरे लुक ने खींचा ध्यान, गुरुद्वारे में सेवा करती दिखीं प्रियंका

इस खास मौके पर प्रियंका चोपड़ा ने पीच रंग का बेहद सादा और एलिगेंट सलवार सूट पहना हुआ था। सिर ढककर और परंपराओं का सम्मान करते हुए वह मंदिर में प्रवेश करती नजर आईं। उनका यह क्लासी और सादगी भरा अंदाज फैंस को खूब पसंद आया। अक्सर ग्लैमरस लुक में नजर आने वाली प्रियंका का यह आध्यात्मिक रूप उनके व्यक्तित्व के एक अलग पहलू को दर्शाता है।

प्रियंका सिर्फ दर्शन करने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने गुरुद्वारे में सेवा भी की। वायरल वीडियो में वह अन्य श्रद्धालुओं के साथ बैठकर सेवा कार्य करती दिखाई दे रही हैं। यह दृश्य न केवल उनकी विनम्रता को दर्शाता है, बल्कि भारतीय परंपराओं और मूल्यों के प्रति उनके सम्मान को भी उजागर करता है। यही कारण है कि फैंस उनकी इस पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

आध्यात्मिकता से गहरा जुड़ाव

प्रियंका चोपड़ा हमेशा से ही अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कई मौकों पर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के महत्व को खुलकर साझा किया है। 2021 में ओपरा विनफ्रे के शो में अपनी किताब Unfinished के प्रमोशन के दौरान प्रियंका ने भारत की धार्मिक विविधता पर विस्तार से बात की थी।उन्होंने कहा था कि भारत में पलने-बढ़ने के कारण उन्हें बचपन से ही अलग-अलग धर्मों और विश्वास प्रणालियों को समझने का अवसर मिला।

प्रियंका के अनुसार, भारत जैसे देश में आध्यात्मिकता जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने बताया कि वह एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ीं, जिससे उन्हें ईसाई धर्म की जानकारी मिली। साथ ही, उनके पिता मस्जिद में गाते थे, जिससे उन्हें इस्लाम के बारे में जानने का अवसर मिला। एक हिंदू परिवार में पली-बढ़ी होने के कारण उन्होंने हिंदू धर्म को भी करीब से समझा। उनका मानना है कि सभी धर्म अंततः एक ही सर्वोच्च शक्ति की ओर ले जाते हैं, भले ही उनके रास्ते अलग-अलग हों।

पिता से मिली आध्यात्मिक सीख

प्रियंका चोपड़ा अक्सर अपने दिवंगत पिता डॉ. अशोक चोपड़ा का जिक्र करती हैं। उनके अनुसार, उनके पिता ने उन्हें सिखाया कि हर धर्म का उद्देश्य एक ही है—एक उच्च शक्ति तक पहुंचना। यह सोच उनके व्यक्तित्व में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जहां वह हर धर्म का सम्मान करती हैं और अपनी जड़ों से जुड़ी रहती हैं।

वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा जल्द ही भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। वह मशहूर निर्देशक एस.एस. राजामौली की आगामी फिल्म वाराणसी में नजर आएंगी, जो 2027 में रिलीज होने की उम्मीद है।

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