पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में इस बार रिकॉर्डतोड़ मतदान दर्ज किया गया है, जिसने पिछले सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया। भारी संख्या में मतदाताओं की भागीदारी के कारण राजनीतिक दलों के बीच जीत के दावे भी तेज हो गए हैं।
कोलकाता: भारत के दो प्रमुख राज्यों West Bengal और Tamil Nadu में हुए विधानसभा चुनावों ने इस बार ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम कर दिया। दोनों राज्यों में अभूतपूर्व मतदान दर्ज किया गया, जिसने न केवल पिछले चुनावों के आंकड़े पीछे छोड़ दिए, बल्कि देश के चुनावी इतिहास में भी एक नई मिसाल पेश की। चुनाव आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जबकि तमिलनाडु में भी 85 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
रिकॉर्डतोड़ मतदान: क्या कहते हैं आंकड़े
तमिलनाडु में कुल 85.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। वहीं, पश्चिम बंगाल में पहले चरण की सीटों पर करीब 92.57 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले चुनाव से लगभग 10 प्रतिशत ज्यादा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहली बार है जब किसी बड़े राज्य के विधानसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत 90 के पार गया है। यह आंकड़ा न केवल भारत बल्कि वैश्विक लोकतंत्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।
रिकॉर्ड मतदान के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे तेज कर दिए हैं। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उच्च मतदान को “बदलाव का संकेत” बताते हुए कहा कि यह परिणाम राज्य में नई सरकार के गठन की ओर इशारा करता है। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इन दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर जीत का अनुमान लगाना उचित नहीं है और चुनाव परिणाम आने तक प्रतीक्षा करनी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी उच्च मतदान को जनता की बदलाव की इच्छा का प्रतीक बताया और दावा किया कि इससे सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ माहौल स्पष्ट होता है।

आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक माहौल
चुनाव के दौरान और बाद में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी देखने को मिला। Mamata Banerjee ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर चिंता जताई और निष्पक्षता पर सवाल उठाए। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारी मतदान जनता के समर्थन का संकेत है।
भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने दावा किया कि उनकी पार्टी पहले चरण में बड़ी जीत हासिल कर सकती है। कांग्रेस नेता Adhir Ranjan Chowdhury ने भी माना कि उच्च मतदान के पीछे सत्ता विरोधी भावना और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था अहम कारण हो सकते हैं।










