पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नवगठित जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ सोहेल को पुलिसकर्मी पर कथित हमले के आरोप में रविवार (28 दिसंबर 2025) को हिरासत में लिया गया था।
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में राजनीति उस समय गरमा गई जब नवगठित जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के अध्यक्ष और भरतपुर से विधायक हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ सोहेल को एक पुलिसकर्मी पर कथित हमले के आरोप में हिरासत में लिया गया। हालांकि, लगभग आठ घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया।
इस घटना ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC), पुलिस प्रशासन और हुमायूं कबीर आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना रविवार, 28 दिसंबर 2025 की सुबह की है। आरोप है कि गुलाम नबी आजाद ने मुर्शिदाबाद जिले के शक्तिपुर इलाके में स्थित हुमायूं कबीर के आवास पर तैनात निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) और कांस्टेबल जुम्मा खान के साथ कथित तौर पर मारपीट की। कांस्टेबल ने शक्तिपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि जब उसने कुछ दिनों की छुट्टी के लिए आवेदन दिया, तो विधायक के बेटे ने उस पर हमला कर दिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुलाम नबी आजाद को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामला संज्ञेय होने के कारण कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई। हालांकि, पर्याप्त पूछताछ के बाद उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया गया।

तृणमूल कांग्रेस का बयान
तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में स्पष्ट किया कि पार्टी का इस घटना से कोई सीधा संबंध नहीं है। TMC की ओर से कहा गया कि पुलिसकर्मी पर हाथ उठाना एक गंभीर और संज्ञेय अपराध है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी ने यह भी कहा कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वह किसी विधायक का बेटा ही क्यों न हो।
विधायक हुमायूं कबीर ने पुलिस कार्रवाई और तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बरहामपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जिस समय यह कथित घटना हुई, वह अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। उनके अनुसार, उनके बेटे ने केवल उनके घर में एक पुलिसकर्मी के प्रवेश पर आपत्ति जताई थी, जिसे गलत तरीके से “हमला” करार दिया गया।
हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिस तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर उन्हें और उनके परिवार को निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद की आधारशिला रखने के बाद से पुलिस ने उनके आवास की घेराबंदी कर रखी है, जो एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के अधिकारों का उल्लंघन है।
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर को तृणमूल कांग्रेस से निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनता उन्नयन पार्टी (JUP) का गठन किया था। वह उस समय भी चर्चा में आए थे, जब उन्होंने मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद की नींव रखी थी। इस कदम के बाद से ही वह लगातार विवादों में हैं।










