आंध्र प्रदेश में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगने से एक यात्री की मौत हो गई। विशाखापट्टनम के पास हुए हादसे में कई यात्री घायल हुए। आग पर दमकल टीम ने काबू पाया।
Train Fire: आंध्र प्रदेश में एक दर्दनाक ट्रेन हादसे ने यात्रियों और रेलवे प्रशासन को झकझोर कर रख दिया। विशाखापट्टनम जिले के यलमंचिली के पास टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस (Tatanagar–Ernakulam Express) के एसी कोच में अचानक आग लग गई। इस हादसे में एक यात्री की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्रियों को चोटें आई हैं। घटना के वक्त दोनों एसी कोचों में कुल 158 यात्री सवार थे। आग लगने की सूचना देर रात करीब 12:45 बजे मिली, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
यलमंचिली के पास हुई घटना
यह हादसा विशाखापट्टनम से करीब 66 किलोमीटर दूर यलमंचिली रेलवे सेक्शन में हुआ। ट्रेन जैसे ही इस इलाके से गुजर रही थी, तभी अचानक एसी कोच से धुआं निकलने लगा। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। ट्रेन में सवार यात्रियों ने जब धुआं और आग की लपटें देखीं तो घबराहट फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। रात का समय होने के कारण हालात और भी ज्यादा गंभीर हो गए।
दो एसी कोच आग की चपेट में
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन की दो एसी बोगियां आग की चपेट में आ गईं। एक कोच में 82 यात्री सवार थे, जबकि दूसरे कोच में 76 यात्री मौजूद थे। आग मुख्य रूप से बी1 (B1 AC Coach) कोच में ज्यादा फैल गई। इसी कोच से एक यात्री का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान चंद्रशेखर सुंदरम के रूप में हुई है। हादसे के बाद यात्रियों में दहशत का माहौल देखा गया।
यात्रियों में मची अफरा-तफरी
आग लगते ही ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री नींद में थे और उन्हें समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। जैसे ही धुएं की गंध फैली, लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ यात्रियों ने आपातकालीन खिड़कियों और दरवाजों के जरिए बाहर निकलने की कोशिश की। यात्रियों का कहना है कि आग बहुत तेजी से फैली, जिससे उन्हें अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला।

दमकल टीम ने संभाला मोर्चा
आग की सूचना मिलते ही रेलवे और स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया। दमकल विभाग (Fire Brigade) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन को रोक दिया गया और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। दमकल कर्मियों ने बताया कि आग काफी तेज थी, लेकिन समय रहते प्रयास किए जाने से बड़ा हादसा टल गया।
ट्रेन से अलग किए गए क्षतिग्रस्त कोच
आग बुझाने के बाद दोनों क्षतिग्रस्त एसी कोचों को ट्रेन से अलग कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा कारणों से इन कोचों को मुख्य ट्रेन से हटाना जरूरी था। इसके बाद बाकी बोगियों को धीरे-धीरे आगे के लिए रवाना किया गया। इस हादसे के चलते ट्रेन सेवाएं कुछ समय के लिए प्रभावित रहीं, जिससे अन्य ट्रेनों को भी रोका गया या डायवर्ट किया गया।
मृतक की पहचान और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे में जान गंवाने वाले यात्री की पहचान चंद्रशेखर सुंदरम के रूप में हुई है। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। रेलवे की ओर से मुआवजे (Compensation) की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि रेलवे नियमों के अनुसार पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। इस घटना पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने दुख जताया है और जांच के आदेश दिए गए हैं।
घायलों का इलाज जारी
आग की लपटों और धुएं की चपेट में आने से कुछ यात्री घायल भी हुए हैं। इनमें से कुछ को सांस लेने में दिक्कत हुई, जबकि कुछ को मामूली जलन और चोटें आई हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर यात्रियों की हालत स्थिर है और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है।
आग लगने के कारण पर सस्पेंस
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रेलवे और फोरेंसिक टीम (Forensic Team) मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आग तकनीकी खराबी से लगी या किसी अन्य वजह से।










