पतले या सामान्य वजन वाले लोग भी हाई कोलेस्ट्रॉल के जोखिम में हो सकते हैं। गलत खानपान, प्रोसेस्ड फूड, तली-भुनी चीजें और शारीरिक निष्क्रियता इसके मुख्य कारण हैं। नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे हार्ट और ब्लड वेसल्स से जुड़ी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
कोलेस्ट्रॉल और पतले लोग: विशेषज्ञों का कहना है कि पतले या सामान्य वजन वाले लोग भी हाई कोलेस्ट्रॉल से प्रभावित हो सकते हैं। आरएमएल हॉस्पिटल के डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार, तली-भुनी चीजें, प्रोसेस्ड फूड और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारण हैं। यह समस्या पूरे भारत में आम हो रही है और समय पर जांच न कराने पर हार्ट और ब्लड वेसल्स से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल जांच जरूरी है।
पतले लोगों में कोलेस्ट्रॉल का खतरा
पतले लोग अक्सर सोचते हैं कि उन्हें कोलेस्ट्रॉल की चिंता नहीं करनी चाहिए, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। डॉ. गिरि बताते हैं कि शरीर का वजन सामान्य होने पर भी तली-भुनी चीजें, प्रोसेस्ड फूड और मीठा खाने से हाई कोलेस्ट्रॉल हो सकता है। इसके अलावा परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास और मेटाबॉलिज्म की अलग प्रक्रिया भी जोखिम बढ़ा सकती है।
कोलेस्ट्रॉल का शुरुआती स्तर अक्सर बिना लक्षण के होता है, लेकिन बढ़ने पर सीने में दर्द, जल्दी थकना, सांस लेने में कठिनाई और पैरों में भारीपन जैसे संकेत मिल सकते हैं। इसलिए नियमित जांच जरूरी है।

स्वस्थ लाइफस्टाइल से नियंत्रण संभव
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त आहार अपनाना जरूरी है। तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजों से परहेज करना चाहिए। रोजाना व्यायाम या शारीरिक गतिविधि को जीवनशैली में शामिल करने से शरीर एक्टिव रहता है और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है। धूम्रपान और शराब के अधिक सेवन से बचना भी महत्वपूर्ण है।
समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए फायदेमंद है। पतले लोग भी इसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि सही जानकारी और नियंत्रण से हार्ट और ब्लड वेसल्स से जुड़ी गंभीर समस्याओं को टाला जा सकता है।













