पुलवामा हमले में शामिल आतंकी हमजा बुरहान की हत्या मामले में पाकिस्तान के CTD ने अब्दुल्ला कमाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से हथियार बरामद हुआ है, जबकि दो अन्य संदिग्ध फरार बताए जा रहे हैं। हमजा को आज सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
इस्लामाबाद: 2019 के पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े आतंकी हमजा बुरहान की हत्या के मामले में पाकिस्तान की काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अब्दुल्ला कमाल के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान के वाह कैंट क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को हथियार सहित हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद हथियार का इस्तेमाल हमजा बुरहान की हत्या में किया गया था या नहीं।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हमजा बुरहान का नाम जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले और कई अन्य आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है।
मुजफ्फराबाद में हुई थी हमजा बुरहान की हत्या
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद शहर में स्थित AIMS कॉलेज के बाहर हमजा बुरहान पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।
बताया जा रहा है कि हमजा को सिर में तीन गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पाकिस्तानी मीडिया और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, घटना के समय मौके पर मौजूद दो अन्य संदिग्ध फरार हो गए। उनकी तलाश के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अभियान शुरू कर दिया है।
आरोपी अब्दुल्ला कमाल गिरफ्तार
काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट ने हत्या के मामले में अब्दुल्ला कमाल नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं और उसके संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या किसी आतंकी गुटों की आपसी रंजिश, व्यक्तिगत दुश्मनी या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ी थी।
हालांकि, पाकिस्तान की ओर से अभी तक हत्या के पीछे के मकसद को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

कौन था हमजा बुरहान?
हमजा बुरहान, जिसका असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार बताया जाता है, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह पहले आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा था और बाद में अल बराक नेटवर्क के लिए सक्रिय रूप से काम करने लगा।
बताया जाता है कि वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था, जहां उसने आतंकी संगठनों के साथ संबंध बना लिए। बाद में वह पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय होकर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हो गया। भारत सरकार ने 2022 में उसे गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत घोषित आतंकवादी घोषित किया था।
पुलवामा हमले से जुड़ा नाम
हमजा बुरहान का नाम 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमले से भी जोड़ा गया था।
इस हमले में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला किया गया था, जिसमें 40 भारतीय जवान शहीद हो गए थे।
हमले को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, हमजा बुरहान कथित रूप से आतंकी नेटवर्क और भर्ती गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी जांच में पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क और कई आतंकियों की भूमिका का उल्लेख किया था।
कई आतंकी संगठनों से संबंध
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमजा बुरहान का संबंध कई कुख्यात आतंकियों और संगठनों से था। उसे बुरहान वानी, जाकिर मूसा, अबू दुजाना और अबू कासिम जैसे आतंकियों का करीबी सहयोगी माना जाता था।
उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित संबंधों को लेकर भी कई बार चर्चा हुई थी, हालांकि पाकिस्तान ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है।
भारतीय एजेंसियों का दावा था कि वह युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने, फंडिंग और कट्टरपंथी प्रचार गतिविधियों में शामिल था।
भारी सुरक्षा में रह रहा था हमजा
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान मुजफ्फराबाद के चीला बांदी इलाके में रह रहा था और उसे विशेष सुरक्षा दी गई थी।
बताया जाता है कि उसके पास कमांडो सुरक्षा, बुलेटप्रूफ वाहन और एस्कॉर्ट गाड़ियां मौजूद थीं। इसके बावजूद दिनदहाड़े उसकी हत्या हो जाना पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
पाकिस्तान में आतंकियों की संदिग्ध मौतों का सिलसिला
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में कई हाई-प्रोफाइल आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े कई आतंकियों को अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया।
हालांकि, इन घटनाओं के पीछे कौन है, इसे लेकर अब तक कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाएं पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क के भीतर बढ़ते तनाव या किसी बड़े गुप्त अभियान का संकेत हो सकती हैं।
पुलवामा हमला: भारत के सबसे बड़े आतंकी हमलों में एक
14 फरवरी 2019 का पुलवामा हमला भारत के हालिया इतिहास के सबसे बड़े आतंकी हमलों में गिना जाता है।
इस हमले में विस्फोटकों से भरी एक SUV को CRPF काफिले की बस से टकराया गया था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कई बसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक के जरिए जवाबी कार्रवाई की थी, जिसने दोनों देशों के संबंधों को लंबे समय तक प्रभावित किया।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर फिर बढ़ी चिंता
हमजा बुरहान की हत्या और उससे जुड़े घटनाक्रम ने एक बार फिर दक्षिण एशिया में आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा पार आतंकवादी नेटवर्क, कट्टरपंथ और आतंकी फंडिंग अब भी क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं।
साथ ही, पाकिस्तान में आतंकियों की लगातार हो रही संदिग्ध मौतों ने यह संकेत दिया है कि आतंकी नेटवर्क के भीतर भी अस्थिरता बढ़ रही है।











