तिरुवनचूर राधाकृष्णन बने केरल विधानसभा के अध्यक्ष, जानिए उनका राजनीतिक सफर

तिरुवनचूर राधाकृष्णन को केरल विधानसभा का नया अध्यक्ष चुना गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे राधाकृष्णन लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और कई अहम मंत्रालयों

Tiruvanchoor Radhakrishnan को शुक्रवार (22 मई) को 16वीं Kerala Legislative Assembly का अध्यक्ष चुन लिया गया। उन्हें कुल 101 वोट मिले, क्योंकि प्रोटेम स्पीकर जी. सुधाकरन ने मतदान नहीं किया।

ने दिल्ली: केरल की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत वरिष्ठ कांग्रेस नेता Tiruvanchoor Radhakrishnan को 16वीं केरल विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया है। शुक्रवार (22 मई) को हुए मतदान में उन्हें स्पष्ट बहुमत मिला और वे विधानसभा के नए स्पीकर बन गए। यह चुनाव उस समय हुआ है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं।

स्पीकर चुनाव में कैसा रहा मुकाबला?

140 सदस्यीय विधानसभा में हुए स्पीकर चुनाव में तीन प्रमुख उम्मीदवार मैदान में थे:

  • कांग्रेस (UDF) की ओर से तिरुवनचूर राधाकृष्णन
  • माकपा (LDF) की ओर से ए. सी. मोइदीन
  • भाजपा की ओर से बी. बी. गोपाकुमार

मतदान परिणाम इस प्रकार रहे:

  • राधाकृष्णन को 101 वोट मिले
  • मोइदीन को 35 वोट मिले
  • गोपाकुमार को 3 वोट मिले

एक सदस्य, प्रोटेम स्पीकर ने मतदान नहीं किया, जिसके कारण कुल मतदान संख्या में अंतर देखा गया। इस चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) को 102 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत प्राप्त है। UDF गठबंधन में प्रमुख रूप से शामिल हैं Indian National Congress, Indian Union Muslim League वहीं विपक्षी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) और भाजपा के पास क्रमशः 35 और 3 सीटें हैं।

तिरुवनचूर राधाकृष्णन कौन हैं?

Tiruvanchoor Radhakrishnan केरल कांग्रेस के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका राजनीतिक अनुभव कई महत्वपूर्ण विभागों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। अपने राजनीतिक करियर में राधाकृष्णन ने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। वे पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनके प्रमुख कार्यकाल शामिल हैं:

  • गृह मंत्रालय (Home Department)
  • सतर्कता विभाग (Vigilance)
  • वन विभाग
  • परिवहन विभाग
  • खेल और पर्यावरण विभाग

इन विभागों में काम करने के दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधार और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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