Kanshi Ram Death Anniversary: मायावती ने दी श्रद्धांजलि, बोलीं- बहुजन समाज को सत्ता तक पहुंचाने में निभाई अहम भूमिका

कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को सत्ता तक पहुंचाने और कमजोर वर्गों को राजनीतिक ताकत दिलाने में कांशीराम

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम का आज महापरिनिर्वाण दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बसपा अध्यक्ष मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कांशीराम के सामाजिक और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और समाज के अन्य वंचित तबकों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मायावती के मुताबिक, कांशीराम के विचारों और आंदोलन ने बहुजन समाज को अपने मताधिकार की ताकत पहचानने और सत्ता में भागीदारी हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर कांशीराम को नमन किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने सामाजिक असमानता और जातिगत भेदभाव का सामना कर रहे लोगों को एकजुट करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके प्रयासों का उद्देश्य वंचित समुदायों को केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाना ही नहीं, बल्कि उनमें आत्मसम्मान, स्वाभिमान और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करना भी था।

मायावती ने कांशीराम को बताया बहुजन समाज का मसीहा

मायावती ने अपने संदेश में कांशीराम को बहुजन समाज का मसीहा बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों को सत्ता की ताकत समझने और उसका इस्तेमाल करने का रास्ता दिखाया। उनके अनुसार, कांशीराम का आंदोलन डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय, समानता और आत्मसम्मान के विचारों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।

बसपा प्रमुख ने कहा कि कांशीराम ने ऐसे लोगों को राजनीतिक रूप से संगठित किया, जो लंबे समय तक सामाजिक और आर्थिक असमानताओं का सामना करते रहे थे। उन्होंने मताधिकार को परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताते हुए वंचित समुदायों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।

मायावती ने अपने संदेश में यह भी रेखांकित किया कि सामाजिक बदलाव के लिए राजनीतिक सत्ता में हिस्सेदारी जरूरी है। उनके मुताबिक, कांशीराम के प्रयासों ने बहुजन समाज के लोगों को अपनी राजनीतिक ताकत पहचानने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर दिया।

चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं मायावती

कांशीराम के राजनीतिक आंदोलन का जिक्र करते हुए मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपनी सरकारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम के मिशन और विचारधारा ने बहुजन समाज पार्टी को राज्य की राजनीति में मजबूत आधार प्रदान किया। इसी राजनीतिक यात्रा के दौरान मायावती चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं।

उत्तर प्रदेश भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में राज्य में बसपा का सत्ता तक पहुंचना दलित राजनीति और सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाता है। कांशीराम ने बहुजन समाज को संगठित करने और उसे राजनीतिक शक्ति में बदलने के उद्देश्य से लंबे समय तक काम किया था।

मायावती ने अपने संदेश में कहा कि उनकी सरकारों के दौरान सामाजिक परिवर्तन, जनकल्याण और विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया गया। उन्होंने कांशीराम के विचारों को महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायण गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे समाज सुधारकों की विरासत से भी जोड़ा।

सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को किया याद

मायावती ने अपने संदेश में सामाजिक समानता, आत्मसम्मान और आर्थिक मुक्ति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज सुधारकों के संघर्ष का उद्देश्य ऐसा समाज बनाना था, जहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर और अधिकार मिल सकें। डॉ. आंबेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण और सामाजिक समानता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वहीं, ज्योतिबा फुले ने जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई। 

कांशीराम ने इन विचारों से प्रेरणा लेकर राजनीतिक संगठन के माध्यम से वंचित समुदायों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम किया। बसपा की राजनीति में इन समाज सुधारकों के विचारों का उल्लेख आज भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पार्टी अपने राजनीतिक और सामाजिक अभियान में समानता, प्रतिनिधित्व तथा वंचित वर्गों के अधिकारों को प्रमुख मुद्दों के रूप में प्रस्तुत करती रही है।

विभिन्न जिलों में आयोजित किए गए श्रद्धांजलि कार्यक्रम

कांशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी की ओर से विभिन्न जिलों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनके योगदान को याद किया। मायावती के भी कांशीराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी दी गई। ऐसे अवसरों पर बसपा के नेता और कार्यकर्ता कांशीराम के विचारों, सामाजिक आंदोलन और राजनीतिक विरासत को याद करते हैं।

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